Muzaffarnagar शाहपुर क्षेत्र के ग्राम गढ़ी में सड़क किनारे लगे एक बिजली के खंभे में अचानक करंट उतरने से एक घोड़े की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में घोड़े का मालिक और चालक लोकेश प्रजापति बाल-बाल बच गया, लेकिन गांव में इस घटना के बाद आक्रोश और असंतोष का माहौल है।
🔴 फेरी के दौरान हुआ हादसा, पल भर में बदल गई स्थिति
जानकारी के अनुसार, शाहपुर निवासी लोकेश प्रजापति पुत्र राम भजन अपने घोड़े के साथ गांव गढ़ी में रोज़ की तरह फेरी लगाने गया था। जब वह सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे के पास से गुजर रहा था, तभी खंभे में उतरे हाई वोल्टेज करंट की चपेट में उसका घोड़ा आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करंट इतना तेज था कि घोड़े ने कुछ ही पलों में दम तोड़ दिया। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
🔴 चालक की जान बची, लेकिन आजीविका पर बड़ा संकट
हादसे में लोकेश प्रजापति की जान बच गई, लेकिन उनका कहना है कि घोड़ा उनकी रोज़ी-रोटी का मुख्य साधन था। अब घोड़े की मौत से उनके परिवार की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
लोकेश ने कहा कि यह केवल एक जान का नुकसान नहीं है, बल्कि उनके लिए जीवनयापन का सहारा भी खत्म हो गया है। उन्होंने बिजली विभाग से मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
🔴 ग्रामीणों का आरोप: पहले भी की गई थीं शिकायतें
Garhi village electricity issue को लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शाहपुर बिजली घर को कई बार जर्जर तारों, खुले खंभों और उनमें उतर रहे करंट की शिकायत दी गई थी।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश और नमी के समय खंभों और तारों में करंट उतरने की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।
🔴 गांव में फैला रोष, प्रदर्शन की चेतावनी
Shahpur electric pole accident के बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि बिजली व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया और पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि पूरे गांव की बिजली लाइन और खंभों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसी घटना न हो।
🔴 बिजली विभाग की चुप्पी पर सवाल
घटना के बाद बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब तक विभाग जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
स्थानीय लोग प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
🔴 सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों और तारों में करंट उतरना बेहद खतरनाक स्थिति होती है। इससे न केवल जानवरों, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। यदि समय-समय पर खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों की जांच हो, तो कई हादसों को रोका जा सकता है।
🔴 प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा है।
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
🔴 ग्रामीण जीवन और बुनियादी सुविधाओं की चुनौती
Shahpur electric pole accident ने यह भी दिखाया है कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की सुरक्षा कितनी बड़ी चुनौती बनी हुई है। बिजली, पानी और सड़क जैसी आवश्यक सेवाओं में छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
लोगों का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर स्थायी समाधान नहीं निकाला जाएगा, तब तक ग्रामीणों को हर दिन ऐसे ही जोखिमों के साथ जीना पड़ेगा।
गढ़ी गांव में हुआ यह हादसा केवल एक घोड़े की मौत नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल है। बिजली के खंभों और तारों में उतरा करंट किसी भी पल इंसानी जान ले सकता है। अब यह प्रशासन और बिजली विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस घटना से सबक लेकर सुधार के ठोस कदम उठाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह के नुकसान और दर्द का सामना न करना पड़े।
