जनपद Muzaffarnagar के मेरठ रोड स्थित सदर तहसील परिसर में रामनवमी के पावन अवसर पर भजन संध्या, अभिनंदन समारोह और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सदर तहसील बार संघ द्वारा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से किया गया, जिसमें देर रात्रि तक श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्तिमय ऊर्जा और सामाजिक समरसता से सराबोर कर दिया। 🌼

श्रद्धालु स्त्री-पुरुषों और बच्चों ने सुंदरकांड पाठ, श्रीराम स्तुति तथा भक्ति भजनों का रसास्वादन करते हुए पूरे आयोजन को आध्यात्मिक उत्सव में परिवर्तित कर दिया।


दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष Sanjay Rathi द्वारा किया गया। प्रारंभ में गणेश वंदना और मां शारदे को नमन करते हुए दीप प्रज्ज्वलन किया गया, जिसके बाद संकीर्तन मंडली द्वारा सुंदरकांड पाठ और श्रीराम भजनों की मधुर प्रस्तुति दी गई।

पूरे परिसर में भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कार्यक्रम में सहभागिता की।


सुंदरकांड पाठ और राम स्तुति ने बांधा श्रद्धालुओं को भक्ति सूत्र में

कार्यक्रम के दौरान संकीर्तन मंडली द्वारा सुंदरकांड पाठ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही भगवान श्रीराम की महिमा पर आधारित भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया।

श्रद्धालु देर रात तक भजन संध्या में शामिल रहे और सामूहिक रूप से श्रीराम नाम का स्मरण करते हुए धार्मिक उत्साह का अनुभव किया। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।


जिला प्रशासन और गणमान्य व्यक्तियों की रही गरिमामय उपस्थिति

कार्यक्रम में सदर एसडीएम Praveen Dwivedi, तहसीलदार Radheshyam तथा नायब तहसीलदार Harendra Pal सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त जिला बार संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।


पूजन अनुष्ठान विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में सम्पन्न

पूजन पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान का संचालन पंडित द्वारिका प्रसाद और पंडित संजय मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से कराया गया। विधि-विधान से सम्पन्न हुए इस अनुष्ठान ने कार्यक्रम को पारंपरिक धार्मिक स्वरूप प्रदान किया।

श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक प्रभावशाली बनाया।


गणमान्य व्यक्तियों का अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह देकर हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान समाज और विधि क्षेत्र से जुड़े कई सम्मानित व्यक्तियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें जिला बार संघ के पदाधिकारी Pramod Tyagi, Surendra Malik सहित कई प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मंच संचालन पूर्व अध्यक्ष Yogendra Kamboj एडवोकेट द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।


धार्मिक आयोजनों की निरंतर परंपरा पर दिया गया विशेष जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगेंद्र कंबोज एडवोकेट ने कहा कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की प्रेरणा तथा जिला प्रशासन के सहयोग से तहसील परिसर स्थित मंदिर में प्रतिवर्ष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।


विभिन्न संगठनों ने निभाई सक्रिय सहभागिता

इस आयोजन को सफल बनाने में तहसीलदार संघ के अध्यक्ष कमरू जमा एडवोकेट, संजय शिवम एडवोकेट, रवी जैन एडवोकेट तथा पंकज जिंदल गुरुजी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

स्टांप संगठन की ओर से तेजेंद्र कंबोज, मनीष पाल, नूर मोहम्मद, मनोज पाल, रजनीश त्यागी, अशोक त्यागी, विजय माहेश्वरी, अशोक माहेश्वरी, शशिकांत शर्मा और विजय कुमार ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग दिया।


महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ भक्ति कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण किया।

महाआरती और प्रसाद वितरण व्यवस्था में श्रीमती उमा कंबोज, संजीव कंबोज, पिंटू, पवन बंसल, हरिओम गोयल एडवोकेट और अंकित गोयल एडवोकेट सहित अनेक लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।


सामाजिक संगठनों के सहयोग से सफल हुआ भव्य आयोजन

कार्यक्रम की सफलता में दस्तावेज लेखक संगठन, स्टांप संगठन और लेखपाल संघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों का उल्लेखनीय सहयोग रहा। सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बना दिया।

इस प्रकार का धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन समाज में सद्भाव, सहयोग और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।




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