Muzaffarnagar drug traders ONDLS portal से जुड़ी परेशानी अब पूरे उत्तर प्रदेश में दवा व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। मुजफ्फरनगर से उठी यह आवाज प्रदेश स्तर पर गूंजने लगी है, जहां ऑर्गेनाइजिंग कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (रजि०) के नेतृत्व में दवा व्यापारियों ने नए ऑनलाइन पोर्टल में आ रही गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक खामियों को लेकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में गोदाम लाइसेंस के नए आवेदन और रिनूवल का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे व्यापारियों का भविष्य और उनकी वैधता दोनों ही अधर में लटकते नजर आ रहे हैं।
🔴 प्रदेश महामंत्री सुभाष चौहान के नेतृत्व में पहल
ऑर्गेनाइजिंग कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री सुभाष चौहान के नेतृत्व में यह मुद्दा प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि ONDLS पोर्टल के लागू होने के बाद से प्रदेश के हजारों दवा व्यापारी असमंजस में हैं।
व्यापारियों का कहना है कि गोदाम लाइसेंस के बिना दवा भंडारण और वितरण की प्रक्रिया कानूनी रूप से संभव नहीं है। ऐसे में नए लाइसेंस और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण की सुविधा न होना व्यापार को पूरी तरह ठप कर सकता है।
🔴 खाद्य एवं औषधि विभाग को पत्र, सरकार तक पहुंची आवाज
इस गंभीर समस्या को लेकर दवा व्यापारियों ने डॉ. रौशन जैकब, आयुक्त खाद्य एवं औषधि विभाग को औपचारिक पत्र भेजा। पत्र में विस्तार से बताया गया कि ONDLS पोर्टल पर तकनीकी खामी के चलते व्यापारियों को लाइसेंस से संबंधित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इसके साथ ही माननीय कौशल विकास राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल को भी इस पूरे मामले से अवगत कराया गया और एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया।
🔴 मंत्री कपिल देव अग्रवाल का आश्वासन
ज्ञापन मिलने के बाद मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दवा व्यापारियों की समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह मामला सीधे स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ा है।
Muzaffarnagar drug traders ONDLS portal मुद्दे पर मंत्री ने डॉ. रौशन जैकब से टेलीफोनिक बातचीत कर जल्द समाधान निकालने के निर्देश भी दिए।
🔴 व्यापारियों की चिंता: वैधता और सुरक्षा पर सवाल
दवा व्यापारियों का कहना है कि अगर समय रहते इस खामी को दूर नहीं किया गया, तो उनके व्यापार की वैधता पर सवाल उठ सकता है। गोदाम लाइसेंस के बिना दवाओं का भंडारण और आपूर्ति करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिससे व्यापारी अनजाने में ही कानूनी मुश्किलों में फंस सकते हैं।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि ONDLS पोर्टल को इस तरह अपडेट किया जाए, जिससे सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी, सरल और समयबद्ध हो सकें।
🔴 ONDLS पोर्टल और डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य
ONDLS पोर्टल को सरकार ने दवा व्यापार और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू किया था। इसका मकसद था कि व्यापारी ऑनलाइन आवेदन कर सकें, स्थिति ट्रैक कर सकें और बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए अपने काम पूरे कर सकें।
लेकिन Muzaffarnagar drug traders ONDLS portal विवाद ने यह दिखा दिया है कि तकनीकी व्यवस्था में छोटी सी चूक भी हजारों लोगों के व्यवसाय को प्रभावित कर सकती है।
🔴 दवा आपूर्ति श्रृंखला पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लाइसेंस प्रक्रिया बाधित रहती है, तो इसका सीधा असर दवा आपूर्ति पर पड़ेगा। गोदामों से दवाओं की आवाजाही धीमी हो सकती है, जिससे अस्पतालों, मेडिकल स्टोर्स और अंततः मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दवा व्यापारी इसे केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा सवाल मान रहे हैं।
🔴 प्रतिनिधिमंडल की मजबूत उपस्थिति
मंत्री को ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें डॉ. आर. के. गुप्ता, सतपाल सिंह, सुरेंद्र गर्ग, सुधीर मटरोजा, सचिन त्यागी, रविंद्र छावड़ा, पंकज तनेजा, अरुण प्रताप, सतीश तायल, दिव्य प्रताप सोलंकी, मनोज गर्ग, संजीव वर्मा, सुबोध जैन, संदीप कुमार और राजीव कुमार शामिल थे।
इन सभी की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह समस्या किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के दवा व्यापारियों की सामूहिक चिंता बन चुकी है।
🔴 व्यापारियों की मांग: स्पष्ट दिशा-निर्देश और समयबद्ध समाधान
दवा व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि ONDLS पोर्टल में तुरंत तकनीकी सुधार किए जाएं और गोदाम लाइसेंस के नए आवेदन और रिनूवल की प्रक्रिया को फिर से सक्रिय किया जाए।
उनका कहना है कि जब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होते, तब तक व्यापारी असुरक्षित महसूस करते रहेंगे। वे चाहते हैं कि सरकार एक तय समयसीमा में इस समस्या का समाधान करे, ताकि व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
🔴 प्रशासन और समाज के लिए संदेश
Muzaffarnagar drug traders ONDLS portal मुद्दा यह दर्शाता है कि डिजिटल सुधारों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर संवाद और फीडबैक भी कितना जरूरी है। व्यापारियों का मानना है कि अगर उनकी बात समय रहते सुनी जाती, तो यह समस्या इतनी गंभीर न बनती।
मुजफ्फरनगर से उठी दवा व्यापारियों की यह मांग अब पूरे प्रदेश के लिए एक अहम संकेत बन चुकी है कि तकनीक के साथ-साथ प्रशासनिक संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। ONDLS पोर्टल की खामियों को दूर करना केवल व्यापारियों के हित में नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और जनसेवा के व्यापक उद्देश्य से भी जुड़ा हुआ है।
