Muzaffarnagar  जिले में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आया, जब जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने विभिन्न विकासखंडों में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवा वितरण, पंजीकरण प्रक्रिया और मरीजों के प्रति व्यवहार जैसे अहम बिंदुओं पर विशेष फोकस देखने को मिला। निरीक्षण का उद्देश्य साफ था—सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के आम नागरिक तक पहुंचे।


🔴 मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य मेलों का व्यापक निरीक्षण अभियान

जनपद मुजफ्फरनगर में चल रहे Muzaffarnagar Health Fair के अंतर्गत डॉ. सुनील तेवतिया ने बघरा ब्लॉक के काज़ीखेड़ा और लालूखेड़ी तथा चरथावल ब्लॉक के बहेड़ी, दूधली, बिरालसी, बलवाखेड़ी और कुटेसरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेलों का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रत्येक केंद्र पर मौजूद व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।

स्वास्थ्य मेलों में आने वाले मरीजों की संख्या, चिकित्सकीय परामर्श की प्रक्रिया और जांच सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर उन्होंने संबंधित स्टाफ से विस्तृत जानकारी ली।


🔴 चिकित्सकीय परामर्श से लेकर दवा वितरण तक की समीक्षा

Muzaffarnagar Health Fair के निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ओपीडी व्यवस्था, मरीजों के पंजीकरण, निःशुल्क दवाओं की उपलब्धता और जांच सेवाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. तेवतिया ने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह शासन की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से आमजन को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं।


🔴 योजनाओं की जानकारी हर लाभार्थी तक पहुंचाना अनिवार्य

निरीक्षण के दौरान Muzaffarnagar Health Fair में मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक मरीज को सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी अवश्य दें। चाहे वह आयुष्मान भारत योजना हो, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं हों या गैर-संचारी रोगों की जांच—हर योजना का लाभ सही पात्र तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, जिसे रोकना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


🔴 मरीजों से व्यवहार और रेफरल सिस्टम पर विशेष जोर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सख्त शब्दों में कहा कि Muzaffarnagar Health Fair में आने वाले मरीजों के साथ शालीन, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता या उदासीनता स्वास्थ्य सेवाओं की मूल भावना के खिलाफ है।

साथ ही गंभीर रोगियों की पहचान कर उन्हें समय रहते उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक जोखिम का सामना न करना पड़े।


🔴 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका पर स्पष्ट संदेश

निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन नियमित, पारदर्शी और पूरी गंभीरता के साथ किया जाए। Muzaffarnagar Health Fair का उद्देश्य तभी सफल होगा जब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के जरूरतमंद नागरिकों को वास्तविक लाभ मिले।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों को केवल इलाज तक सीमित न रहकर, जागरूकता और रोकथाम पर भी बराबर ध्यान देना होगा।


🔴 ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में कदम

Muzaffarnagar Health Fair जैसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ मिल रहा है, जहां दूर-दराज के अस्पतालों तक पहुंचना हमेशा आसान नहीं होता। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन मेलों के माध्यम से शुरुआती स्तर पर ही बीमारियों की पहचान और इलाज संभव हो पा रहा है।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपनी समस्याएं भी रखीं, जिन पर समाधान का भरोसा दिलाया गया।


🔴 स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, गुणवत्ता से समझौता नहीं

डॉ. सुनील तेवतिया ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में Muzaffarnagar Health Fair और अन्य सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग और सख्त की जाएगी। जो भी केंद्र या कर्मचारी मानकों पर खरा नहीं उतरेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

यह निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा था, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश भी।


Muzaffarnagar Health Fair के तहत किया गया यह निरीक्षण साफ दर्शाता है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच भरोसे की कड़ी बनता जा रहा है, जहां गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क और सम्मानजनक इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है।



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