Muzaffarnagar परंपरागत होलिका दहन के दौरान उठी तेज लपटों ने पास खड़े बिजली के खंभे और तारों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की चिंगारियां गिरने लगीं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गनीमत रही कि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
तेज लपटों ने पकड़े बिजली के तार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहल्ले में पारंपरिक तरीके से होली दहन किया जा रहा था। आग की लपटें अचानक तेज हो गईं और उसकी गर्मी ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों तक पहुंच गई।
कुछ ही पलों में तारों में आग लग गई और चिंगारियां गिरने लगीं। देखते-देखते पूरा बिजली का खंभा आग की लपटों से घिर गया। आसपास खड़े लोग सहम गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आने लगी।
करंट का खतरा, कोई पास जाने की हिम्मत नहीं कर पाया
बिजली के खंभे में आग लगने के कारण आग बुझाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। करंट लगने के खतरे के चलते कोई भी व्यक्ति पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
स्थिति गंभीर होते देख मोहल्ले के लोगों ने तत्काल डायल 112 और बिजली विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति तुरंत बंद कर दी।
एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
बिजली सप्लाई बंद होने के बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
इस घटना में बिजली के तारों के साथ-साथ केबल टीवी और इंटरनेट की लाइनें भी पूरी तरह जल गईं। परिणामस्वरूप घेर खत्ती और आसपास के इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो गईं।
पहले ही दिए गए थे निर्देश
गौरतलब है कि होलिका दहन को लेकर जनपद पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विद्युत तारों के नीचे होली न जलाई जाए।
इसके बावजूद कई स्थानों पर लापरवाही बरती गई। नई मंडी क्षेत्र की यह घटना भी इसी तरह की अनदेखी का परिणाम मानी जा रही है।
प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी वर्षों में होली दहन के लिए स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, ऐसे स्थानों की पहले से पहचान कर वैकल्पिक सुरक्षित स्थल तय किए जाएं, जहां विद्युत तारों या ज्वलनशील संरचनाओं का खतरा न हो।
हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद कुछ समय तक पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।
त्योहारों में सुरक्षा सर्वोपरि
Muzaffarnagar Holi Dahan Fire Incident ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि परंपराओं के निर्वहन के साथ सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
त्योहारों के उल्लास के बीच थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद किए जाने और स्थानीय लोगों की सतर्कता से इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।
नई मंडी के घेर खत्ती में हुआ यह हादसा दिखाता है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी जोखिम भरी हो सकती है। Muzaffarnagar Holi Dahan Fire Incident में भले ही कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आग की लपटों ने पूरे इलाके को कुछ समय के लिए दहशत में डाल दिया। प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की सतर्कता ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की कुंजी साबित होगी।
