Muzaffarnagar Disaster Mitra Training अभियान के तहत जिले ने आपदा प्रबंधन की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। प्रशासन की यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे मानव संसाधन तैयार करना है जो किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सेतु बनकर खड़े हो सकें। बाढ़, आग, सड़क हादसे, औद्योगिक दुर्घटनाएं या प्राकृतिक आपदाएं—हर परिस्थिति में त्वरित, सुरक्षित और संगठित प्रतिक्रिया ही नुकसान को कम कर सकती है, और इसी सोच के साथ जिले से चयनित 24 आपदा मित्रों का दल लखनऊ के लिए रवाना किया गया।
🔵 आपदा प्रबंधन की नई दिशा: जिले से राजधानी तक तैयारी का सफर
गुरुवार की सुबह शहर के जीआईसी परिसर में विशेष माहौल देखने को मिला। प्रशासनिक अधिकारियों, आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की मौजूदगी में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर आपदा मित्रों के दल को रवाना किया। यह क्षण केवल एक औपचारिक विदाई नहीं था, बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Muzaffarnagar Disaster Mitra Training कार्यक्रम के तहत चयनित इन 24 युवाओं और युवतियों को लखनऊ में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहां उन्हें आपदा से निपटने की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा।
🔵 10 दिन, 10 कौशल: प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा
लखनऊ में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा आपदा मित्रों को बहुआयामी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें केवल शारीरिक रेस्क्यू तकनीक ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और नेतृत्व कौशल पर भी जोर रहेगा। प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार होंगे:
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आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन की आधुनिक विधियाँ
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प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीक
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भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया
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राहत सामग्री का प्रभावी वितरण और समन्वय
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संचार प्रणाली और प्रशासन के साथ तालमेल
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प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया रणनीति
Muzaffarnagar Disaster Mitra Training का उद्देश्य इन स्वयंसेवकों को ऐसा सक्षम बनाना है कि वे मौके पर पहुंचते ही स्थिति को समझें, प्राथमिक स्तर पर समाधान करें और जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक मशीनरी को सही दिशा में सक्रिय करें।
🔵 प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनेंगे आपदा मित्र
एडीएम गजेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा मित्र केवल स्वयंसेवक नहीं, बल्कि संकट के समय प्रशासन की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षित मानव संसाधन ही किसी भी जिले की असली ताकत होते हैं।
उनका कहना था कि Muzaffarnagar Disaster Mitra Training के बाद ये सभी स्वयंसेवक न केवल तकनीकी रूप से मजबूत होंगे, बल्कि उनमें नेतृत्व, जिम्मेदारी और सेवा भावना भी और प्रबल होगी। इससे जिले में आपदा प्रबंधन प्रणाली को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।
🔵 बढ़ती चुनौतियां, बढ़ती तैयारी
मुजफ्फरनगर और उसके आसपास के क्षेत्र भौगोलिक और औद्योगिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। कभी बाढ़ का खतरा, कभी सड़क दुर्घटनाएं, तो कभी फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों में आग की घटनाएं—ऐसे में प्रशिक्षित आपदा मित्रों की मौजूदगी राहत और बचाव कार्यों को नई गति दे सकती है।
Muzaffarnagar Disaster Mitra Training को प्रशासन की दूरदर्शी योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आज से ही मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है।
🔵 समाज में सुरक्षा की भावना को मिलेगी मजबूती
जब आम नागरिक यह जानते हैं कि उनके बीच ऐसे लोग मौजूद हैं जो आपदा के समय बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए आगे आएंगे, तो समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना स्वतः मजबूत होती है। यही कारण है कि प्रशासन इस कार्यक्रम को केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान के रूप में देख रहा है।
इस मौके पर आपदा सहायक नासिर हुसैन, प्रवेश कुमार, गुलफाम अहमद के साथ-साथ आपदा मित्र शुभम, गुनगुन, रोहित, प्रीति, नितिन कुमार, अभिनव मचल, जितेंद्र कुमार, राहुल धीमान, सुमित कुमार, अमन सोनकर, दीपक, शिवम और अन्य स्वयंसेवक भी मौजूद रहे।
🔵 युवाओं की भूमिका और नेतृत्व का विकास
इस कार्यक्रम में शामिल अधिकतर आपदा मित्र युवा हैं, जो समाज सेवा और प्रशासनिक सहयोग के प्रति विशेष रुचि रखते हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें न केवल तकनीकी जानकारी दी जाएगी, बल्कि यह भी सिखाया जाएगा कि संकट की घड़ी में कैसे शांत रहकर निर्णय लिया जाए और लोगों को सुरक्षित दिशा में मार्गदर्शन दिया जाए।
Muzaffarnagar Disaster Mitra Training युवाओं के लिए नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी एक बड़ा मंच बनकर उभर रहा है।
🔵 राहत और बचाव कार्यों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन सर्वे, डिजिटल संचार प्रणाली, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग और डेटा प्रबंधन जैसे आधुनिक पहलुओं पर भी जानकारी दी जाएगी। इससे आपदा मित्र न केवल जमीनी स्तर पर काम करेंगे, बल्कि तकनीक के सहारे प्रशासन को सटीक और त्वरित जानकारी भी उपलब्ध करा सकेंगे।
🔵 भविष्य की योजना: हर ब्लॉक में तैयार होंगी प्रशिक्षित टीमें
प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले के प्रत्येक ब्लॉक और प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षित आपदा मित्रों की टीमें तैयार की जाएं। इससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को तुरंत स्थानीय स्तर पर शुरू किया जा सकेगा, और बड़े प्रशासनिक हस्तक्षेप की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी।
Muzaffarnagar Disaster Mitra Training इस दीर्घकालिक योजना की पहली मजबूत कड़ी मानी जा रही है।
मुजफ्फरनगर से लखनऊ तक का यह प्रशिक्षण सफर केवल 24 आपदा मित्रों की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल है। संकट की घड़ी में यही प्रशिक्षित हाथ, सजग आंखें और मजबूत इरादे हजारों जिंदगियों के लिए ढाल बन सकते हैं—और यही इस अभियान की असली ताकत है।
