मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने 22 सूत्रीय मांग को लेकर ध्ांरना प्रदर्शन किया। 22 सूत्रीय मांग पत्र मे अवगत कराया कि जनपद मुख्यालय स्तर पर कलेक्टै्रट का नाम जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी/जनपद सचिवालय रखा जाये/घोषित किया जाए।

कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति प्रदान की जाये। विभागध्यक्ष, राजस्व परिषद के संस्तुति पत्र दिनांकित 28 सितम्बर 2016 व शासन द्वारा निर्गत अन्तरिम आदेश पत्र दिनांकित 7 जनवरी 2019 के क्रम में कलेक्ट्रेट करे पिशिष्ठ प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए कनिष्ठ सहायक का पदनाम परिवर्तित करते हुए कनिष्ठ सहायक वेतन बैण्ड-1 एवं ग्रेड पे 2800 रूपये,वरिष्ठ सहायक वेतन बैण्ड-2 एवं ग्रेड पे 4200 रूपये, प्रधान सहायक वेतन बैण्ड-2 एवं ग्रेड पे 4600 रूपये, प्रशासनिक अधिकारी वेतन बैण्ड-2 एवं ग्रेड पे 4800 रूपये, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वेतन बैण्ड-3 एवं ग्र्रेड पे 5400 रूपये व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी वेतन बैण्ड-3 एवं ग्रेड पे 6600 रूपये करने का शासनादेश निर्गत किया जाये। नवीन पेशन योजना को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर जाये।

मुख्य सचिव, उ.प्र.शासन की अध्यक्षता में सम्पन्न उच्च स्तरीय बैठक दिनांकित 6 फरवरी 2019 में यहमतर के अनुसार उ.प्र.सरकार, वित्त विभाग से प्रख्यापित उ.प्र.सरकारी विभाग लिपिकीय संवर्ग सेवा नियमावली-2014 द्वारा प्रख्यापित नीति/पदोन्नति की प्रक्रिया से कलेक्ट्रेट संवर्ग को पृथक करते हुए नियमावली यथा-उत्तर प्रदेश जिला कार्यालय लिपिक वर्ग सेवा द्वितिय संशोधन नियमावली 2011 को पूर्ववत लागू किया जाए। धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा गया।

इस दौरान उ.प्र.मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अम्मार हैदर, जिला महासचिव मनीष शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमति सीता देवी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पकज कुमार, कोषाध्यक्ष शेखर वर्मा, जनेश्वर शर्मा, श्रीमति रमी मलिक, विजय कुमार,सचिन त्यागी, शौकत हुसैन, कुलदीप शर्मा, सुभाष राठी, परांजल भारद्वाज आदि पदाधिकारी व साथीगण मौजूद रहे।



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