कार्यशाला में संस्थान के छात्र/छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। मैकेनिकल कार्यशाला में रेपिड टैक्नोलोजी, नोएडा के श्री आयुष जैन ने नवीनतम जानकारी से छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया। श्री आयुष जैन ने छात्र/छात्राओं को कम्प्यूटर एडड डिजाइन साफ्टवेयर में किसी भी पार्ट की ड्राइंग व डिजाइन करके उसे थ्री डी प्रिन्टर से प्रोटोटाईप बनाकर दिखाया। थ्री डी डिजाइनिंग आज के समय में एक बहुआयामी तकनीकी है जिसके द्वारा हम मशीनों के जटिल आकार के पुर्जे व मेडिकल के क्षेत्र में कृत्रिम अंग बनाने में करते हैं। इस तकनीक का उपयोग कर डिजाइनिंग को उन्नत बनाया जा सकता है।
यह एक डिजिटल तकनीक है व आज के समय की जरूरत है। सचिव अनुभव कुमार ने कहा कि इन्नोवेशन व अद्यतन तकनीक का ज्ञान छात्रों को विशिष्ट बनाता है। छात्रों को इन्डस्ट्री रेडी बनाना होगा ताकि वे आसानी से अपने कैरियर में सफलता अर्जित कर सकें। ३डी प्रिंटिंग समय के साथ अधिक कार्यात्मक और सटीक हो गई है, जिससे मालिकाना या दुर्गम भागों को बनाना और प्राप्त करना संभव हो गया है
ताकि उत्पाद को समय पर बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, मशीनें और उपकरण समय के साथ खराब हो जाते हैं और उन्हें तुरंत मरम्मत की आवश्यकता हो सकती है, जिसके लिए ३डी प्रिंटिंग एक सुव्यवस्थित समाधान प्रस्तुत करती है। निदेशक डा० सिद्वार्थ शर्मा ने आधुनिक युग में इन्फ्रास्टक्चर में कम्प्यूटर ऐडिड ड्राइंग व डिजाइन का महत्व बताते हुये कहा कि ३डी प्रिन्टर बनने से अत्यन्त विकास हुआ है।
छात्रध्छात्राओं को इस ओर कदम बढ़ाकर स्वयं की एवं देश की प्रगति में सहयोग करना चाहिये। विभागाध्यक्ष मनोज ने कार्यशाला में भाग लेने वाले समस्त छात्र/छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा एक्सपर्टस का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में इंजी० पुनित गोयल, इंजी० विवेक कुमार, इंजी० सौरभ मित्तल, इंजी० गिरधारी लाल, इंजी० गौरव कुमार, इंजी० शुभम कश्यप आदि उपस्थित रहे।