Nag Panchami 2024 auspicious time for special worship

नाग पंचमी
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचम तिथि को नागपंचमी के रूप में मनाया जाता है। शुक्रवार को नागपंचमी है। नागपंचमी शुक्रवार सुबह आठ बजे से शुरू होकर शनिवार सुबह छह बजे तक रहेगी। विशेष पूजा के लिए दोपहर में 47 मिनट का मुहूर्त शुभ है।

Trending Videos

ज्योतिषाचार्य कृष्ण के शर्मा ने बताया कि भविष्य पुराण के ब्रह्मा पर्व में नाग पंचमी की कथा वर्णित है। इसके अनुसार सुमंतु मुनि ने राजा शतानीक को नागपंचमी की कथा के बारे में बताया था। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को जो व्यक्ति सर्पों को गाय के दूध से स्नान कराता है, उसके कुल को सभी नाग अभयदान देते हैं। उसके परिवारजनों को सर्प का भय नहीं रहता है।

स्कंद पुराण में भी नाग पंचमी के व्रत की कथा वर्णित है। इसमें ब्रह्मा ने बताया कि चतुर्थी तिथि को एक बार भोजन करें और पंचमी को नक्त भोजन करें। स्वर्ण, चांदी, काष्ठ अथवा मिट्टी का पांच फनों वाला सुंदर नाग बनाकर पंचमी के दिन उस नाग की भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। सनातन धर्म में नाग पंचमी के जरिये नागों के रक्षण का व्रत लिया जाता है। इससे पर्यावरण संतुलित रहता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *