
पीलीभीत से रेफर बच्ची को बच्चा वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे अभिभावक।
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बरेली में गंभीर मरीजों का जीवन बचाने के बजाय जिम्मेदार उनकी जान को खतरे में डाल रहे हैं। हालात यह हैं कि तत्काल वेंटिलेटर, विशेषज्ञ की निगरानी की जरूरत के बावजूद बच्चों को भी रेफर कर दिया जा रहा है। आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
शुक्रवार को बेहद गंभीर हालत में एक बच्ची को पीलीभीत जिला अस्पताल से बरेली जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती करने के लिए रेफर किया गया। बच्ची की हालत इस कदर नाजुक थी कि उसके बचने की उम्मीद बेहद कम थी। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र ने बच्ची को देखा तो हैरान रह गए।
जांच कराई तो पता चला कि पल्स रेट 42, ब्लड शुगर 726, एसजीपीटी 301, सीरम लेवल 1232 से ज्यादा है। बच्ची की सांसें अटक रहीं थीं। अभिभावक बदहवास थे। रिपोर्ट देखते ही तत्काल उसे एंबुलेंस से सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
डॉ. करमेंद्र के मुताबिक पीलीभीत जिला अस्पताल से सीधे बच्ची को केजीएमयू या सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर सकते थे। यहां जिला अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं हैं, इसकी जानकारी के बावजूद बच्ची को रेफर कर दिया। प्रकरण की जानकारी एडी एसआईसी को देते हुए संज्ञान लेने के लिए कहा।
