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उरई। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में अग्निशमन अधिकारी की जांच में फायर सिस्टम फेल मिले। अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि जब फायर सिस्टम हैंडओवर होने थे, उस वक्त अग्निशमन की टीम को बुलाकर जांच करानी चाहिए थी पर ऐसा नहीं किया गया।

जिला अस्पताल में अग्निशमन अधिकारी चंद्रशेखर यादव मंगलवार को जांच करने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने फायर सिस्टम की लाइन का भरा पानी निकाला। फिर उन्होंने पाइप लाइन में पानी निकालने की कोशिश की लेकिन उससे पानी नहीं निकला। प्रथम तल पर नर्सिंग कार्यालय के बाहर लगा फायर अलार्म सिस्टम चालू करना चाहा पर चालू नहीं हुआ। बताया कि बिजली का कनेक्शन नहीं है।

इस पर उन्होंने नाराजगी जताई कि इसमें बैटरी होनी चाहिए। अभी छह महीने पहले ही यह सिस्टम लगा है, अभी मियाद भी पूरी नहीं हुई है तो फिर कैसे खराब हो गया। उन्होंने पानी की टंकी की क्षमता कम होने पर भी नाराजगी जताई। कहा कि जिस हिसाब से यहां सिस्टम लगा है, वह फेल है। उधर ठेकेदार की लापरवाही से अभी भी कई जगह बिजली की केबल लटकती मिली। वहीं, दूसरी अग्निशमन अधिकारी को महिला अस्पताल में भी फायर सिस्टम फेल मिला। यहां भी टंकी से पानी नहीं आया। उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल में जो टंकी है, उसकी क्षमता पर्याप्त नहीं है। अस्पताल में फायर सिलिंडर भी चलाकर देखे, उसमें कुछ ने ही ठीक से काम किया। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एक निजी अस्पताल सिद्धिविनायक की भी जांच की। वहां भी फायर सिस्टम ठीक नहीं मिला। पूरी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजेंगे।

फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच में मिलीं खामियां

कोंच। कोंच सीएचसी में फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच करने पहुंचे तो वहां खामियां मिली। लाखों की लागत से लगाया गया अग्निशमन प्लांट भी न तो मानक के अनुसार लगा और न ही अभी तक चालू हो पाया है। जब अधिकारियों ने अग्निशमन प्लांट की टंकी चालू की तो वह भी लीक निकली। मंगलवार दोपहर एसडीएम ज्योति सिंह की अगुवाई में एफएसओ चंद्रशेखर अपनी टीम के साथ सीएचसी में अग्निशमन यंत्रों की जांच करने पहुंचे तो वहां खामियां मिलीं। अस्पताल में लगे चार फायर सिलिंडर खराब मिले। अधिकारियों ने जब बाहर मैदान में कागज गत्ते आदि जलाकर आग बुझाने का प्रयास लिया तो वह भी फुस्स हो गए। जबकि उनमें 2025 तक वैधता की पर्ची भी लगी थी। एफएसओ ने बताया कि अस्पताल में जो प्लांट लगा वह मानक के अनुसार नहीं लगा है। रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। इस दौरान सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार शाक्य भी मौजूद रहे। (संवाद)

बड़ा सवाल वैध सिलिंडर कैसे हुए फुस्स

कोंच। सीएचसी कोंच में लगा फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त पड़ा है। अस्पताल में जो आग बुझाने वाले सिलिंडर हैं उनकी वैधता की मियाद 2025 तक है। बड़ा सवाल है कि यह एक गत्ते की आग नहीं बुझाने से पहले कैसे फुस्स हो गए। अस्पताल में मशीनें लगी हैं लेकिन चालू नहीं हैं, जबकि इन्हें 24 घंटे सक्रिय रहना चाहिए। आग बुझाने के लिए जरूरी है कि पानी का स्टोरेज टैंक कम से कम दस हजार लीटर का हो लेकिन यहां पांच हजार लीटर का है, उसमें भी ढाई हजार पर बाईपास लगा है जिससे टैंक में ढाई हजार लीटर से ज्यादा पानी नहीं भरा जा सकता है।

सीएमओ खुद बेपरवाह, आपदा में भी मनाया गया जन्मदिन

उरई। सीएमओ कार्यालय पर सभी अस्पतालों में मानकों की जांच की जिम्मेदारी है, लेकिन विभाग के अधिकारी खुद अपनी जिम्मेदारी से अंजान है। सीएमओ कार्यालय में लगा फायर सिलिंडर में भरने की वर्ष 2019 अंकित है। कोरोना काल के बाद से इस सिलिंडर को भरने की जहमत विभागीय अधिकारी नहीं उठाए हैं। उधर, सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा का आज जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान सीएमओ कार्यालय समेत कई जगह कार्यक्रम भी हुए। हालांकि कई लोग इस बात को लेकर चर्चा करते नजर आए कि झांसी में हुई आपदा में सभी दुखी है, लेकिन यहां सीएमओ साहब का जन्मदिन मनाया जा रहा है। (संवाद)



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