नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों ने यूपी पुलिस द्वारा जारी की गई हेल्पलाइन नंबर पर मदद मांगी है। बीते चौबीस घंटे के दौरान पुलिस मुख्यालय में बनाए गए विशेष कंट्रोल रूम में मदद के लिए बीते 24 घंटे में 23 से ज्यादा फोन आ चुके हैं। वहीं पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया टीम सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की उन सभी पोस्ट का संज्ञान लेकर कार्यवाही कर रही है, जिसमें भारतीय नागरिक नेपाल से वापस आने के लिए गुहार लगा रहे हैं।
बता दें कि सोशल मीडिया टीम नेपाल में फंसे बदायूं के 23 लोगों के साथ वॉलीबाल लीग में शामिल होने गई एक महिला की पोस्ट का संज्ञान लेकर उनकी वापसी सुनिश्चित कराने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कई नागरिकों ने भी मदद मांगी है। फिलहाल अधिकतर भारतीय नागरिक नेपाल के अलग-अलग जिलों में होटलों में पनाह लिए हुए हैं। वहीं डीजीपी मुख्यालय द्वारा नेपाल से सटे सभी सात जिलों में 2-2 कंपनी पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराया गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नेपाल में अभी स्थिति सामान्य नहीं हुई है।
मंगलवार को गृह मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी सीमावर्ती जिलों की पुलिस को एसएसबी के साथ समन्वय बनाकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। नेपाल की सेना और पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है। सभी सीमावर्ती थानों और चौकियों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई है। वहां फंसे हमारे जो नागरिक मदद के लिए संपर्क कर रहे हैं, उनकी सकुशल वापसी का प्रबंध किया जा रहा है। इस बाबत अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। फिलहाल नेपाल में फंसे लोगों के वापस आने के लिए सीमा पर अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। केवल वैध दस्तावेज और गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही सीमा पर आने-जाने दिया जा रहा है।