जरूरत के सामान सोमवार से जीएसटी के नए स्लैब के मुताबिक घटी हुई दरों पर मिलेंगे। इससे पनीर, घी, साबुन, शैंपू, एसी, कार, मेंथॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, कपड़ों आदि की कीमत घटेगी। भवन निर्माण का खर्च बचेगा। ट्रंप टैरिफ से जूझ रहे निर्यातकों ने भी राहत की उम्मीद जताई है।
बरेली के मेंथॉल उत्पाद और निर्यातक गौरव मित्तल ने बताया कि ट्रंप टैरिफ से अमेरिका के लिए उत्पादों का निर्यात ठप हो गया है। अब जीएसटी के नए स्लैब से वर्किंग कैपिटल बचेगा। मेंथॉल पर 12 फीसदी जीएसटी थी। सोमवार से मेंथा उत्पाद पांच फीसदी पर मिलेंगे। रूहेलखंड क्षेत्र मिंट और मेंथॉल उत्पादन का हब है। करीब सात फीसदी जीएसटी बचने से बैंक से ऋण लेने की जरूरत कम होगी। किसानों से सीधे खरीद की संभावना बढ़ेगी।
मेंथॉल का प्रयोग तमाम उत्पाद बनाने में होता है। सस्ते में मिलने से बरेली समेत रुहेलखंड के कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को भी फायदा होगा। कॉस्मेटिक क्रीम जो अभी 118 रुपये में मिल रही है, 105 रुपये में मिलेगी। उपभोक्ता, उत्पादक, विक्रेता के बीच कैश फ्लो बढ़ेगा।
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