अगली सुनवाई से पहले तलब की रिपोर्ट, अधिवक्ता ने दाखिल किया था वाद

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। पहूज नदी के पुनरुद्धार के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा मामले की अगली सुनवाई से पहले नदी के संबंध में रिपोर्ट भी तलब की गई है। एक अधिवक्ता की ओर से दाखिल किए गए वाद में एनजीटी की ओर से यह कार्यवाही की गई है।

जीवनदायिनी पहूज नदी के पुनरुद्धार के लिए अमर उजाला की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इससे प्रेरित होकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष अधिवक्ता भानु सहाय की ओर से छह अगस्त को एनजीटी में वाद दाखिल किया गया था। इसके बाद 16 अगस्त को एनजीटी में पहली सुनवाई हुई थी, जिसमें वादी का पक्ष सुना गया था।

अब इस मामले में एनजीटी की तीन सदस्यीय बेंच ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी में केंद्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी व नगर आयुक्त को शामिल किया गया है। साथ ही एनजीटी ने कहा है कि कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक से कम रैंक के किसी अधिकारी को शामिल नहीं किया जाएगा। जबकि, जिलाधिकारी झांसी को कमेटी के सदस्यों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एनजीटी ने कमेटी को नदी के पानी के नमूने लेकर उनकी जांच करने और सुधार के उपाय देने के निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट कमेटी को मुकदमे की अगली सुनवाई 28 नवंबर से एक सप्ताह पहले एनजीटी को देनी होगी।



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