अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर में सड़कों के किनारे, सरकारी विभागों, कॉलोनियों, राजकीय उद्यान नारायण और महिला पॉलिटेक्निक में पेड़ों को काटने और लगे हुए पेड़ों के इर्दगिर्द कंक्रीट बिछाने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत एनजीटी से की गई थी। इसे संज्ञान में लेते हुए एनजीटी ने कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी से तीन माह में रिपोर्ट मांगी गई है।
पर्यावरण कार्यकर्ता नरेंद्र कुशवाहा द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में की गई शिकायत में बताया था कि विकास कार्य और सौंदर्यीकरण के नाम पर महानगर में पेड़ों की कटान की गई है। इसके अलावा, कई पेड़ ऐसे हैं, जिनके इर्दगिर्द के घेरे को पक्का कर दिया गया है, जिससे पेड़ों की जड़ों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पानी की कमी की वजह से पेड़ सूख रहे हैं। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एनजीटी की ओर से एक ज्वाइंट कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, झांसी विकास प्राधिकरण व नगर निगम के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जबकि, जिलाधिकारी को कमेटी के सदस्यों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एनजीटी ने कमेटी से पूरे मामले की रिपोर्ट तीन माह में मांगी है।
