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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज।
मैनपुरी। मौसम में बदलाव के साथ ही जिले में बाल मरीजों की संख्या बढ़ चली है। बड़ी संख्या में बाल मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। लेकिन ग्रामीण अंचल में सरकार की ओर से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बालरोग विशेष की तैनाती नहीं है। जिले में संचालित नौ में से एक भी सीएचसी पर बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से बाल मरीजों के उपचार के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पिछले कुछ दिनों से तेज हवा चल रही है। तेज हवा और सर्दी के कारण बच्चे सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के उपचार के लिए सभी नौ विकास खंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। लेकिन इन पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इसके चलते बाल मरीजों के उपचार के लिए परिजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव कुचेला निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसके बच्चे को निमोनिया की दिक्कत थी। वह उसे लेकर सीएचसी कुचेला पहुंचा तो उसे यह कहते हुए कि यहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है जिला अस्पताल जाने की सलाह दी गई। जागीर निवासी प्रवीन कुमार ने बताया कि उसके बच्चे को सर्दी जुकाम के साथ तेज बुखार था वह सीएचसी भावंत बच्चे को लेकर पहुंचा यहां यह कहते हुए जिला अस्पताल भेज दिया गया कि यहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है।
जिला अस्पताल भी बन गया है रेफर सेंटर
बच्चों के उपचार की बात की जाए तो जिला अस्पताल में भी दो बजे के बाद बच्चों के उपचार के लिए कोई डॉक्टर नहीं मिलता है। ऐसे में यहां भर्ती होने वाले बाल मरीजों को भी प्राथमिक उपचार के साथ रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल भी रेफर सेंटर बना हुआ है। यहां एक मात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य की तैनाती है जो ओपीडी में मरीजों को देखते हुए इसके बाद यहां भर्ती मरीजों को उपचार देने के लिए कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं है।
सौ शैया अस्पताल में भर्ती हो रहे मात्र 28 दिन के बच्चे
बच्चों के उपचार के लिए शहर में सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल का संचालन हो रहा है। लेकिन यहां भी केवल 28 दिन के बच्चों को ही भर्ती किया जाता है। इससे अधिक उम्र के बच्चों को ओपीडी में उपचार के साथ ही भर्ती की स्थिति में रेफर किया जा रहा है।