
प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
एसजीपीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में अब बगैर पास प्रवेश नहीं मिलेगा। मंगलवार देर रात हुई मारपीट की घटना के बाद यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही मुख्य गेट और वार्ड के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। उधर, कर्मचारी इस मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
संस्थान के रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेयी ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा कि मंगलवार रात नशे में धुत आधा दर्जन तीमारदारों ने जबरन वार्ड में घुसकर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट और हंगामा किया था। इसके बाद नई व्यवस्था लागू की गई है। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि मरीज के भर्ती होने पर उनके घरवालों को पास मुहैया कराया जाता है। अब इसके माध्यम से ही प्रवेश दिया जाएगा। बगैर पास पास किसी तीमारदार ने घुसने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें – लोकसभा चुनाव: अमेठी से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतर सकते हैं वरुण, सपा-कांग्रेस पीछे से करेंगी समर्थन
ये भी पढ़ें – सपा-कांग्रेस गठबंधन: कांग्रेस को मिलीं 17 सीटों में से नौ उम्मीदवार तय, जानिए कौन-कहां से लड़ सकता है चुनाव
कर्मचारियों ने की निदेशक से मुलाकात
मामले को लेकर एसजीपीजीआई की नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन (एनएसए) ने बृहस्पतिवार को संस्थान निदेशक डॉ. आरके धीमन से मुलाकात की। अध्यक्ष लता सचान, कार्यकारी महामंत्री मनोज वर्मा और उपाध्यक्ष सुजान सिंह ने निदेशक के द्वार और वार्ड में सुरक्षाकर्मी बढ़ाने की मांग की। इसके साथ ही मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर से तलाशी की व्यवस्था लागू करवाने के लिए कहा।
