Note sorting machine will also recognize the series of notes in lucknow

rbi reserve bank of india
– फोटो : istock

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जाली नोटों की धरपकड़ में तकनीकी की ज्यादा मदद ली जाएगी। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नोट सार्टिंग मशीनों (एनएसएम) को और प्रभावी बनाने की तैयारी की है। अब एनएसएम न केवल जाली और असली नोटों की पहचान करेगी बल्कि कटे-फटे व संदिग्ध नोटों को भी पकड़ लेगी। 

इसके अलावा मशीन करेंसी को सीरीज के आधार पर जांच लेगी और गलत सीरीज वाले नोट को अलग कर देगी। इस संबंध में गठित कमेटी ने एनएसएम में संशोधन को लेकर सिफारिशें की थीं, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। एनएसएम नई कसौटी पर खरी उतरती है या नहीं, इसकी जिम्मेदारी भारतीय मानक ब्यूरो की है।

करेंसी की सुरक्षा में सेंध रोकने के लिए लगातार सिक्योरिटी फीचर बदले जाते हैं। इसके बावजूद नकली नोटों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल में दो हजार रुपये के 26 हजार से ज्यादा जाली नोट पकड़े जा चुके हैं। 

पांच सौ के 85 हजार से ज्यादा जाली नोट बैंकों में पकड़े गए। सौ के 66 हजार और दो सौ के 28 हजार जाली नोट सालभर में बैंकों में पहुंचे। जालसाजों ने 2, 5, 10, 20, 50 की करेंसी को भी नहीं छोड़ा। इन छोटी करेंसी के 16 हजार से ज्यादा जाली नोट सालभर में बैंकों में पहुंचे।



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