
मेडिकल कॉलेज में बनाया गया डेंगू वार्ड।
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आगरा में स्वास्थ्य विभाग ने 250 पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस दिए हैं। इनको डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का मरीज मिलने पर रिपोर्ट और नमूना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। जांच रैपिड किट या एलाइजा से की गई है, इसकी भी जानकारी देनी होगी। डेंगू-मलेरिया की जांच के नाम पर उगाही से बचने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में करीब 250 लैब पंजीकृत हैं। इनमें किसी मरीज के डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया की पुष्टि होती है तो इसका नाम, पता, फोन नंबर और नमूना स्वास्थ्य विभाग को भेजना होगा। जांच रैपिड किट या फिर एलाइजा से की है, इसका भी जिक्र किया जाएगा। एलाइजा जांच को ही पुष्ट माना जाता है।
मौसमी बीमारियों में कई लैब संचालक रैपिड किट की जांच से ही बीमारी बताकर मोटी फीस वसूलते हैं। नमूना आने के बाद स्वास्थ्य विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में जांच कराएगा।
