मैनपुरी। कुत्ता और बंदर के हमलों से घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है। ओपीडी समय के बाद एंटी रेबीज न होने से पीड़ितों को लौटना पड़ता था। अब विभाग ने इस समस्या से निजात दिलाने का कार्य किया है। अब जिला अस्पताल में 24 घंटे एंटी रेबीज की सेवा उपलब्ध रहेगी।

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कुत्ता और बंदर के हमले से घायल लोगों को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही एंटी रेबीज की सुविधा उपलब्ध थी। ऐसे में पीड़ित को परेशानी होती थी। उच्चाधिकारियों के पास लगातार पहुंच रही शिकायतों के बाद विभाग अब जिला अस्पताल में 24 घंटे एंटी रेबीज सेवा रखने के निर्देश दिए गए हैैं। विभागीय निर्देश के बाद जिला अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद होने के बाद इमरजेंसी में एंटी रेबीज उपलब्ध रहेगी। कुत्ता या बंदर के हमले से पीड़ित व्यक्ति को ओपीडी समय के बाद इमरजेंसी में केवल पहला डोज दिया जा सकेगा। दूसरा और तीसरा डोज पीड़ित को ओपीडी समय में ही लगवाना होगा।

24 घंटे में लगना चाहिए पहला डोज

डॉक्टरों के अनुसार एंटी रेबीज का पहला डोज 24 घंटे में लगना चाहिए। कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि किसी व्यक्ति को सुबह 8 बजे से पहले कुत्ता या बंदर ने हमला कर दिया और वह दोपहर 2 बजे के बाद अस्पताल पहुंचा तब तक ओपीडी बंद हो चुकी होती है। अगले दिन ओपीडी खुलने का समय 8 बजे होता है। ऐसे में संबंधित पीड़ित को बाहर से डोज लगवानी पड़ती है। जिला अस्पताल में सुविधा उपलब्ध होने से अब लोगों की समस्या का निदान हो जाएगा।

ओपीडी समय के बाद यदि कोई पीड़ित जिला अस्पताल पहुंचता है जिसको अगले दिन की ओपीडी खुलने से पहले कुत्ता या बंदर के हमले के 24 घंटे हो जाएंगे। ऐसे पीड़ित के लिए एंटी रेबीज की व्यवस्था की गई है। – डॉ. मदनलाल, सीएमएस



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