आगरा। अकोला गांव निवासी वरिष्ठ बॉक्सिंग कोच शिशुपाल चाहर ने संघर्ष के दम पर नई पहचान की ओर कदम बढ़ाया है। आर्थिक तंगी के कारण खिलाड़ी बनने का सपना अधूरा रह गया लेकिन अब वे इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के 1 स्टार रेफरी एवं जज कोर्स में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने की तैयारी में हैं।
आंध्र प्रदेश के चिन्नामिराम में आयोजित इस कोर्स में देशभर से 21 कोच शामिल हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश से तीन और आगरा से शिशुपाल चाहर भी शामिल हैं। परीक्षा हो चुकी है और परिणाम का इंतजार है। खास बात यह है कि इस कोर्स में पहुंचने वाले वे आगरा के पहले कोच हैं। किसान परिवार से आने वाले शिशुपाल ने बचपन में बॉक्सर बनने का सपना देखा था और भिवानी जाकर ट्रेनिंग भी शुरू की, लेकिन पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कोचिंग को अपना रास्ता बनाया। अब वे अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनने की राह पर हैं।
बच्चों को दे रहे निशुल्क बॉक्सिंग की ट्रेनिंग
वर्तमान में वे मधु नगर स्थित ताल फिरोज खान क्षेत्र में “श्री घासी बाबा स्पोर्ट्स डेवलपमेंट सोसाइटी” के माध्यम से बच्चों को निशुल्क बॉक्सिंग प्रशिक्षण दे रहे हैं, जहां से कई खिलाड़ी जिला व राज्य स्तर पर पदक जीत चुके हैं। शिशुपाल का कहना है कि उनका सपना है कि आगरा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलें और वे खुद इंटरनेशनल मुकाबलों में रेफरी की भूमिका निभाएं। खेल जगत से जुड़े लोगों ने इसे आगरा के लिए गर्व की बात बताया है।
