केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में लौह भस्म बनाकर बनाई औषधि का चूहों पर ट्रायल सफल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में एनीमिया के लिए लौह भस्म से छात्री लौह औषधि बनाई गई है। इसका इंसानों पर ट्रायल करने की तैयारी है। चूहों पर ट्रायल पूरी तरह से सफल हो गया है। खास बात यह है कि चूहों पर हुआ ट्रायल शत-प्रतिशत सफल रहा है और किसी भी तरह का साइड इफैक्ट नहीं मिला।
डॉक्टरों के अनुसार, महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की वजह शरीर में आयरन (लौह तत्व) की कमी का होना है। शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) बनाने में आयरन की जरूरत होती है। जब आयरन की कमी होती है, तब स्वस्थ आरबीसी में कमी होने से पूरा सिस्टम असंतुलित हो जाता है। इससे लोगों में खून की कमी होने से एनिमिया हो जाता है। एनिमिया होने पर थकान, दिल की धड़कन बढ़ना, त्वचा में पीलापन और सांस लेने में दिक्कत होती है।
इसके सटीक इलाज के लिए केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में शोध किया जा रहा है। अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. वैभव चापड़े ने बताया कि देश में एनीमिया के रोगियों की संख्या काफी है। इसके लिए कई अंग्रेजी दवाएं हैं, जो रोगियों को दी जाती हैं। चूंकि एनिमिया आयरन की कमी होने से होता है। इसलिए लौह भस्म से छात्री लौह औषधि बनाई गई है। इन औषधि का करीब 100 चूहों पर लखनऊ में छह माह तक ट्रायल किया गया। चूहों के एक समूह को 10 गुना तो दूसरे समूह को 20 गुना दवा की खुराक दी गई।
समयावधि पूरी होने के बाद जब चूहों का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया तो काफी उत्साहजनक परिणाम सामने आए। खास बात यह कि छात्री लौह औषधि का किसी भी चूहे पर साइड इफेक्ट नहीं मिला। सभी की किडनी, दिल और लीवर की जांच कई एंगल से की गई। चूंकि चूहों पर ट्रायल सफल हो गया है। इसलिए जल्द लोगों पर इस औषधि का ट्रायल किया जाएगा। यदि लोगों पर ट्रायल सफल रहा तो यह दवा एनीमिया के रोगियों के लिए वरदान साबित होगी।
