
सिकन्द्राराऊ हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
– फोटो : सूचना विभाग
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सिकंदराराऊ में हुए हादसे में स्वास्थ्य विभाग की कलई खुलकर सामने आई थी, लेकिन अफसरों ने सीएम के समक्ष स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति की कोई तस्वीर पेश नहीं की। यहां तक कि प्रशासनिक अफसरों ने हादसे के वक्त सीएचसी सिकंदराराऊ और ट्रॉमा सेंटर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता न होने सहित कई तथ्यों को सीएम से छिपाया।
सिकंदराराऊ में हादसे के वक्त मृतकों व घायलों को सीएचसी व ट्रॉमा सेंटर पर लाया गया था। यहां न तो ऑक्सीजन उपलब्ध थी और न हीं विद्युत व्यवस्था सही थी। अस्पताल परिसर अंधेरे में डूबा था। शव जमीन पर पड़े थे। शवों को रखने के लिए कोई व्यवस्था तक नहीं थी। अव्यवस्थाओं का अंबार था। प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए थे। सीएचसी व ट्रॉमा सेंटर पर चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तक मौजूद नहीं था। अफसरों ने तंत्र की इस कमजोरी को उजागर नहीं होने दिया।
