
बाजार में सवारियां लेकर निकलता ई-रिक्शा
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उत्तर प्रदेश के कासगंज में अपंजीकृत ई-रिक्शा पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने तैयारी की है। जो ई-रिक्शा परिवहन विभाग में पंजीकृत नहीं होंगे, उन्हें जुगाड़ की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे ई-रिक्शा को कटवा कर नष्ट करा दिया जाएगा। जनपद में लगभग 5000 ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनमें लगभग 1280 ई-रिक्शा का ही पंजीकरण है।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के अतिरिक्त शहर के माल गोदाम चौराहा, बिलराम गेट चौराहा, सोरोंजी गेट, सहावर रेलवे फाटक, अमांपुर रोड सहित अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। वहीं बाजारों में भी ई-रिक्शा कम नहीं चलते हैं। शहर ही नहीं कस्बाई क्षेत्रों में भी ई-रिक्शा की संख्या बढ़ी हैं।
ई-रिक्शा स्वामी इन्हें परिवहन विभाग में पंजीकरण कराए जाने के लिए गंभीर नहीं है। बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। अपंजीकृत ई-रिक्शा पर अंकुश लगाए जाने के लिए विभाग पहल करेगा। चेकिंग में जो भी अपंजीकृत ई-रिक्शा पाए जाएंगे। उन्हें कटवाकर उन्हें नष्ट कराया जाएगा।
हर दो साल साल में फिटनेस होगी जरूरी
ई-रिक्शा की भी फिटनेस करानी होगी। जर्जर ई-रिक्शा के दौड़ने से हादसा होने की आशंका रहती है। ऐसे ई-रिक्शा को सड़क पर दौड़ने से रोकने के लिए पहल की जा रही है। ई-रिक्शा को भी फिटनेस करानी होगी।
एआरटीओ राम प्रकाश मिश्र ने बताया कि जनपद में लगभग 5000 ई-रिक्शा चल रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में अपंजीकृत ई-रिक्शा हैं। पुराने ई-रिक्शा जर्जर हो चुके हैं। सभी ई-रिक्शा को फिटनेस के साथ पंजीकरण कराया जाना जरूरी है।
