On receiving the news of his wife's suicide, the constable committed suicide by hanging himself

उपमेंद्र सिंह (फाइल फोटो)

ऊंचाहार कोतवाली में तैनात था सिपाही, सुबह पत्नी ने औरैया में फंदा लगाकर की थी आत्महत्या

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संवाद न्यूज एजेंसी

रायबरेली। औरैया में पत्नी ने आत्महत्या की तो दोपहर में ऊंचाहार कोतवाली में तैनात सिपाही ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की।

औरैया जनपद के बनारसीदास मोहल्ला निवासी उपमेंद्र सिंह (28) पुत्र राम नारायण सिंह ऊंचाहार कोतवाली में सिपाही के पद पर तैनात थे। करीब दो साल से उपमेंद्र की ऊंचाहार कोतवाली में तैनाती थी। वह 2021 बैच के सिपाही थे। शुक्रवार को उनकी कोतवाली में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी थी। इसी दौरान सुबह करीब 11:30 बजे उपमेंद्र को सूचना मिली कि औरेया के बनारसी दास मोहल्ले में रह रही उसकी पत्नी संतोषी ने आत्महत्या कर ली है।

इस पर उपमेंद्र ने किसी को कुछ नहीं बताया और साथी गुलाब को राइफल पकड़ाकर चले गए। इसके बाद जब उपमेंद्र के मोबाइल पर सिपाही गुलाब ने फोन किया तो मोबाइल नहीं उठा। जिस पर गुलाब ने कोतवाली प्रभारी संजय कुमार को जानकारी दी। वहीं, सिपाही का पता लगाने में पुलिस जुट गई। इसी दोपहर करीब तीन बजे गायत्री नगर मोहल्ले में लोगों ने उपमेंद्र का शव उसके कमरे में रस्सी के सहारे फंदे से लटका देखा तो जानकारी पुलिस को दी।

तत्काल मौके पर कोतवाली प्रभारी संजय कुमार और सीओ अरुण कुमार नौहवार पहुंचे और सिपाही के शव को फंदे से उतरवाया। मामले में सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि आपसी मनमुटाव के चलते सिपाही ने आत्महत्या की है। उसकी पत्नी ने भी औरैया में आत्महत्या कर ली है।

मामले की जांच हो रही है। वहीं, औरैया के निझाई चौकी इंचार्ज तन्मय चौधरी ने बताया कि संतोषी का मृत शरीर जिला अस्पताल में 12:15 बजे आया था। संतोषी का मायका इटावा में है। परिजनों को जानकारी दे दी गई है। जिस समय संतोषी ने आत्महत्या की। उस दौरान घर पर उसके ससुर, सास और ननद मौजूद थे।

मायके पक्ष के लोगों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने का लगाया आरोप: औरैया। संतोषी के चाचा मनोज कुमार ने बताया कि संतोषी की शादी नवंबर 2023 में बनारसीदास निवासी उपेंद्र कुमार के साथ हुई थी। पति उपेंद्र व अन्य ससुरालीजन संतोषी को आए दिन किसी न किसी बात को लेकर परेशान करते थे। कई बार इस पर समझौता भी हुआ। उपेंद्र कुमार हर बार पुलिस में होने की धमकी देता था। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुरालीजन ने संतोषी की हत्या कर की है। उसे अस्पताल पहुंचाने के बाद फरार हो गए।

नहीं मिल रही थी छुट्टी

औरैया। करवा चौथ पर संतोषी अपने सिपाही पति उपेंद्र के साथ रायबरेली जाने के लिए तैयार थी। उपेंद्र को छुट्टी न मिलने पर दोनों के बीच विवाद हो गया और कुछ ही पल में दोनों की मौत की वजह भी बन गया। बनारसीदास मोहल्ला निवासी संतोषी के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के बाद पति उपेंद्र का शव रायबरेली के ऊंचाहार में फंदे पर मिलने की घटना झकझोरने वाली रही। घटना को लेकर उपेंद्र के बड़े भाई सत्येंद्र ने बताया कि वह अछल्दा में शिक्षक पद पर तैनात हैं। छोटा भाई उपेंद्र ढाई माह तक पत्नी को साथ रखने के बाद एक माह पहले बनारसीदास छोड़ने आया था। वापस ड्यूटी पर जाने के दौरान दंपती के बीच विवाद हुआ था। मायके पक्ष के लोग भी आए थे। किसी तरह दोनों पक्षों को बैठाकर दंपती के बीच उपजी कलह को शांत करा दिया गया था। करवा चौथ पर उपेंद्र के छुट्टी पर आने व संतोषी के रायबरेली जाने को लेकर एक बार फिर से विवाद शुरू हो गया था। घर के अन्य लोग भी समझा रहे थे।

उपेंद्र का कहना था कि छुट्टी मिलने असंभव है। मामूली सी बात ने दोनों के बीच ऐसी रार खड़ी हुई कि संतोषी ने फंदा लगाकर जान दे दी। सत्येंद्र ने बताया कि पत्नी की मौत की सूचना फोन से भाई उपेंद्र को दे दी गई थी। शायद उसी का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने भी रायबरेली में अपने किराए के कमरे में आत्महत्या कर ली।

डलमऊ सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि सिपाही ने छुट्टी का आवेदन पत्र नहीं दिया था। वहीं ऊंचाहार कोतवाली से डीह के लिए स्थानांतरित हुए कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी के पद से रिलीव हुए हैं और उस दौरान सिपाही ने उनको अवकाश संबंधी कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था।

कलह की बात भी आ रही सामने

सिपाही के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह सामने आ रही है । अनुमान लगाया जाता है कि पति-पत्नी के बीच मनमुटाव चल रहा था। (संवाद)



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