पटियाली। कहावत है कि नाई की मुड़ई, धोबी की धुलाई और नाविक की उतराई को कभी नहीं रोकना चाहिए। प्रभु श्रीराम ने भी सरयू नदी पार कराने वाले मल्लाह नाविक को अंगूठी देने का प्रयास किया था। इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन एक वर्ष बीतने के बाद भी नाविक को उसकी उतराई (मजदूरी) देने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

Trending Videos

बता दें कि तहसील क्षेत्र में जब बीते वर्ष 2023 में जब बाढ़ आई थी तो दर्जनों गांवों में गंगा का जल घुस गया था। किसानों की हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गई थी। बाढ़ का रौद्र रूप देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और बाढ़ ने पुलिया नुमा दो छोटे पुलों को भी तहस नहस कर दिया था।

इसकी वजह से दर्जनों गांव के सैकड़ों ग्रामीणों रास्ता बंद हो गया था, प्रशासन ने ग्राम जयकिशन नगला पुलिया पर एक नाव लगवाई थी, इससे ग्रामीणों का आवागमन होता रहा। मल्लाह नाविक पेशकार ने बताया कि उसने पिछले वर्ष 45 दिनों तक नाव चलाकर ग्रामीणों को उतारा था।

इसकी उतराई 27 हजार रुपये हुई थी जो प्रशासन ने उसको आज तक नही दी है इस वर्ष भी लगभग एक माह से वह नाव चला रहा है। इसके बाद भी अभी तक उसका मेहनताना नहीं मिला है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *