संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपर। परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत नसबंदी में चिकित्सकों की कमी खल रही है। सात में महज तीन स्थानों पर ही नसबंदी हो पा रही है। चार सीएचसी पर नसबंदी प्रभावित है।
जनसंख्या वृद्धि से बुनियादी संसाधन सीमित होते जा रहे हैं। जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष नवंबर में नसबंदी शुरू हो जाती है। वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग को नौ हजार नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है। सात स्थानों पर नसबंदी की व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज स्थित प्रसवोत्तर केंद्र, सभी ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी की जानी है। लेकिन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भारी पड़ रही है। कारण, स्वास्थ्य विभाग में महज तीन ही विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, जो अलग-अलग तीन स्थानों पर नसबंदी करेंगे। ऐसे में चार सीएचसी पर नसबंदी नियमित नहीं हो सकेगी। विभाग ने मुख्यालय पर प्रतिदिन नसबंदी की व्यवस्था की है। सीएचसी पर अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं।
जिला मुख्यालय पर नियमित व सीएचसी पर दिन निर्धारित कर नसबंदी कराई जाएगी। ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। अभी सीमित संख्या में ही महिलाएं पहुंच रही हैं।
– डॉ. प्रदीप कुमार, नोडल अधिकारी, नसबंदी
