संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मंगलवार देर शाम से हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। शहजाद और जामनी बांध में पानी की आवक ज्यादा हुई। देर रात दोनों बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। बुधवार सुबह बांधों में पानी की आवक कम होने के बाद गेटों को बंद कर दिया गया।
इन दिनों झमाझम बारिश हो रही है। तालाब और बांध लबालब हो चुके हैं। नदियों में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है। मंगलवार शाम शहजाद बांध के अपस्ट्रीम में हुई जोरदार बारिश से इसका निर्धारित जलस्तर बढ़ने लगा। देर रात करीब दो बजे बांध के तीन गेट खोलकर 6060 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी की जाने लगी। गेट खोले जाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने बांध के निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कराया।
वहीं, तहसील महरौनी व मड़ावरा क्षेत्र में हुई बारिश से जामनी बांध में भी पानी की आवक बढ़ गई। जलस्तर सामान्य करने के लिए बांध के दो गेट देर रात एक बजे खोलकर 1992 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
गोविंद सागर बांध के गेट हुए बंद
मंगलवार रात करीब आठ बजे गोविंद सागर बांध के 12 गेट खोलकर 6300 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई थी। बुधवार सुबह बांध में पानी की आवक कम होने के बाद गेटों को बंद कर दिया गया।
गोविंद सागर बांध के गेट खुलने से शहजाद नदी के जरिये शहजाद बांध में पानी की आवक हुई। देर रात करीब दो बजे शहजाद बांध के तीन गेट खोलकर 6060 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बुधवार सुबह पानी की आवक कम होने पर गेटों को बंद कर दिया गया। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इंजी. नंदराम, सहायक अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
बारिश से फसलों को फायदा : लगातार हो रही बारिश से धान की फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। इनकी बढ़वार तेजी से हो रही है, वहीं खर-पतवार और रोग का भी खतरा कम हुआ है। उधर, बारिश से शहरी क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव से लोगों को आने-जाने में दिक्कत झेलनी पड़ी।
