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संवाद न्यूज एजेंसी

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उरई। खाद्य और औषधि विभाग को दो महीने में करीब 51 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। ये सैंपल पांच-छह महीने पहले भेजे गए थे। इनमें 25 नमूने फेल हो गए हैं। इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की गई थी।

खाद्य पदार्थ कुछ असुरक्षित भी निकले हैं। नमूनों में सुपारी, मीठी सुपारी, बूंदी, लड्डू, पेड़ा, घी, सेवईं, मैदा, अमूल गोल्ड दूध, पनीर सहित 25 नमूने फेल हो गए हैं, जिनका सेवन लोग रोजमर्रा में करते हैं।

खाद्य व औषधि विभाग के सहायक आयुक्त जतिन कुमार ने बताया कि इनमें सबसे खतरनाक मीठी सुपारी है, जिसके रंग में मिलावट की गई थी। इससे कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है। सैंपल फैल होने के बाद दुकानदारों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिन्होंने मिलावट की है, उनका मुकदमा एडीएम कोर्ट में चलेगा। खाद्य पदार्थ असुरक्षित निकलने वाले दुकानदारों का मुकदमा एसीजेएम कोर्ट में चलेगा। दुकानदार अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद जुर्माना और सजा होगी। कहा कि नमूने फेल होने की वजह से अभियान में तेजी लाई जाएगी।

डॉ. अदील ने बताया कि जिन चीजों के नमूने फेल हुए हैं। अगर इनकी बात करें तो इनको खाने से फेफड़ों, किडनी, लिवर की समस्या होती है। उनके पास भी इस प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं।

इनके खानपान में सुधार किया गया तो उनमें कुछ सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि अगर इस प्रकार के खाद्य पदार्थ लगातार खाते रहे तो एक साल में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी या लिवर भी खराब हो जाएगा, जिसका इलाज भी असंभव है।



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