
जिला अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में टैंकर से पानी लेने के लिए लगी कतार में खड़े लोग।
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रायबरेली। जिला अस्पताल में रविवार को ऑक्सीजन प्लांट में खराबी आने से 200 बेडों पर सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई। टंकी की मोटर व बोरिंग के भी खराब होने से अस्पताल और कॉलोनी में पानी के संकट से हाहाकार मच गया। किसी तरह टैंकर के सहारे पानी की आपूर्ति की गई। भीषण गर्मी में वार्डों में मरीज और तीमारदार पानी के लिए दिनभर तरसे।
ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद होने से पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती होने वाले बच्चों के लिए खतरा बढ़ गया है। हालांकि, वार्डों में कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर से किसी तरह मरीजों को बचाने का प्रयास चल रहा है।
कंसंट्रेटर व सिलेंडर से दी जा रही ऑक्सीजन
जिला अस्पताल के सभी बेडों पर सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति की सुविधा है, लेकिन प्लांट में तकनीकी खराबी आने से कई दिनों से ऑक्सीजन का संकट है। रविवार को समस्या उस समय और गहरा गई, जब प्लांट ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया।
इमरजेंसी
वार्ड में कंसंट्रेटर व सिलेंडर से गंभीर मरीजों की जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
आईसीयू में सेंट्रल लाइन से ही भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है, लेकिन आपूर्ति ठप होने के कारण बच्चों के लिए ज्यादा खतरा है। राहत की बात है कि वर्तमान समय में आईसीयू में गंभीर मरीज भर्ती नहीं है।
कॉलोनी में टैंकर आते ही पानी के लिए टूट पड़े
रायबरेली। जिला अस्पताल की इकलौती टंकी के दगा देने के बाद शनिवार शाम से ही वार्डों और कॉलोनी में पानी का संकट छा गया। रविवार सुबह नगर पालिका से कई टैंक पानी लेकर पहुंचे, लेकिन आधे लोगों को पानी नहीं मिल पाया। कॉलोनी में लगभग 1200 लोग रहते हैं। टैंकर पहुंचते ही पानी के लिए कॉलोनी के लोग टूट पड़े। लोगों में पानी के लिए कहासुनी भी हुई। वार्डों में लोगों को जरूरत के हिसाब से बाजार से पानी लाना पड़ा।
वार्डों में पानी के अभाव में स्टाफ को भी ज्यादा समस्या हुई। खासकर सर्जिकल वार्डों में पानी की ज्यादा जरूरत होती है। अस्पताल प्रशासन ने सबमर्सिबल से वार्डों में पानी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिली।
आज होगी नई बोरिंग, इंजीनियर बुलाए गए
टंकी की बोरिंग को शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार को नई बोरिंग का काम शुरू होगा। बोरिंग होने के बाद ही वार्डों और कॉलोनी में पानी की आपूर्ति बहाल होगी। ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराने के लिए इंजीनियर बुलाए गए हैं। उम्मीद है कि सोमवार को इंजीनियर आकर प्लॉट में आई खामी को दूर करेंगे, जिसके बाद बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल हो सकेगी।
ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खामी के बाद इंजीनियर को बुलाया गया है। गंभीर मरीजों के लिए कंसंट्रेटर व ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। टंकी की बोरिंग खराब हो गई है। नई बोरिंग करानी पड़ेगी। टैंकर से पानी मंगवाकर कमी दूर कराई जा रही है। सबमर्सिबल से वार्डों में पानी पहुंचाया जा रहा है।
– डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
