सब हेड – गुर्गों की मदद से जमीन कब्जाकर की प्लॉटिंग, झांसी, ललितपुर एवं हमीरपुर में बेनामी संपत्ति तलाश रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पीएसी में सिपाही रहते ही संजय यादव ने झांसी, ललितपुर समेत हमीरपुर में करोड़ों की नामी और बेनामी संपत्ति जुटा ली थी। उसका यह पूरा साम्राज्य दबंगई के बल पर खड़ा था। झांसी में कई जगह अपने गुर्गों की मदद से जमीन पर कब्जा जमाकर उसकी प्लॉटिंग कर डाली। प्रेमनगर थाने में गैंगस्टर समेत 10 मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं।
अब पुलिस उसकी सभी नामी-बेनामी संपत्तियों को तलाश करने में जुटी है। इसके लिए राजस्व टीम की भी मदद ली जा रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कई जगह बेनामी संपत्ति के बारे में मालूम चला है। उसे भी कुर्क करने की तैयारी है।
मूल रूप से हमीरपुर के कुरारा थाना के बचरौली गांव निवासी संजय यादव वर्ष 1993 में 33वीं वाहिनी पीएसी में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। करीब 15 साल तक झांसी में तैनात रहा। इस दौरान उसने राजगढ़ में पीएसी के पास अशियाना बना लिया। पीएसी की नौकरी के दौरान भी उसका मन जमीन की खरीद-फरोख्त में लगता था। पीएससी ग्राउंड के पास विकासनगर में उसने जमीन कब्जा करके प्लॉटिंग कर दी।
यहां रहने वाली मंजू तिवारी समेत कई लोगों की जमीन कब्जा करके उसे बेच दिया। शिकायत मिलने पर संजय यादव के खिलाफ जमीन कब्जाने के आरोप में पहली रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद उसके कई मामले सामने आने लगे। कुछ समय के लिए वह निलंबित भी रहा। बहाल होने के बाद उसका तबादला अलीगढ़ हो गया। इसके बाद आगरा में सिपाही रहते हुए वह सेवानिवृत्त हुआ।
करीब 22 साल की नौकरी के दौरान उसने दबंगई के बल पर झांसी, ललितपुर से लेकर हमीरपुर तक में जमीनों पर कब्जा जमाया। हमीरपुर के कुरारा, जलेखा, झलोखर, बिवांर, ईदगाह के आसपास भी उसके नाम पर एवं बेनामी संपत्ति है। कई मामले सामने आने के बाद पुलिस ने इसी साल उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि 6.60 करोड़ की संपत्ति के मालूम चलने पर उसे कुर्क कर दिया गया। इस तरह से जुटाई गई दूसरी संपत्ति भी खंगाली जा रही हैं। सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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बिजली चोरी का दर्ज हुआ था पहला मुकदमा
पीएसी सिपाही से सेवानिवृत्त हुए संजय यादव के खिलाफ 10 मुकदमे प्रेमनगर थाने में दर्ज हैं लेकिन, उस पर पहला मुकदमा बिजली चोरी का 2018 में दर्ज कराया गया था। पीएसी के पास उसके घर में बिना कनेक्शन के ही बिजली इस्तेमाल हो रही थी। इसके बाद उसके खिलाफ हर तीन महीने में एक रिपोर्ट दर्ज हो रही थी। इसके अलावा धोखाधड़ी समेत मारपीट, रंगदारी समेत अन्य कई मामलों में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
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हरेंद्र मसीह की संपत्ति भी खंगाल रही पुलिस
करोड़ों रुपये की नजूल संपत्ति हड़पने के आरोप में नामजद हिस्ट्रीशीटर बदमाश हरेंद्र मसीह की संपत्ति भी पुलिस खंगालने में जुटी है। कुछ दिन पहले पुलिस उसके झोकनबाग स्थित घर के बाहर नोटिस भी चस्पा कर चुकी है। इसमें उसको 30 सितंबर तक की मोहलत दी गई है। इस समय तक उसे कोर्ट के सामने हाजिर होना है।
