
डॉ. समीर सर्राफ
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इटावा जिले में सैफई आयुर्विज्ञान विवि के पेसमेकर घोटोले के आरोपी सर्जन ने 2019 में कैथ लैब के करीब एक करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे थे। जांच में मामला सामने आने पर तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक की रिपोर्ट पर तत्कालीन कुलपति ने भुगतान पर रोक लगा थी।
सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर समीर सर्राफ की 2016 में मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किए गए थे। शिकायतों के बाद तत्कालीन कुलपति डॉ. राजकुमार की ओर से बनाई गई डॉ. अमित सिंह की एक सदस्यीय टीम ने जांच की थी। इसमें कैथ लैब के करीब एक करोड़ रुपये के उपकरण खरीदने की बात सामने आई थी।
