संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:51 PM IST

कासगंज में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते मानव अधिकार एसोसिएशन के सदस्य।

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संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:51 PM IST
कासगंज में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते मानव अधिकार एसोसिएशन के सदस्य।
कासगंज। शहर के निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों की नाराजगी खुलकर सामने आई। उनका कहना है कि स्कूलों में हर साल नया पाठ्यक्रम लागू करने के साथ-साथ मनमानी शुल्क भी लिया जाता है। इससे अभिभावकों का आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट ने शुक्रवार को यह मुद्दा उठाया और जिलाधिकारी को शिकायत कर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष सुनील विजय ने शिकायत में कहा कि प्राइवेट स्कूल जमकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। मध्यमवर्गीय लोगों का स्कूल में बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। प्रवेश शुल्क के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य मदों की मोटी फीस ली जा रही है। हर निजी स्कूल में अलग पाठ्यक्रम लागू है। इसमें प्रतिवर्ष बदलाव किया जाता है। शिक्षासत्र 2025-26 की फीस काफी बढ़ा दी गई है। एनसीईआरटी की पुस्तकें सभी विद्यालयों में नहीं लगाई जा रहीं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने फीस घटाने, पाठ्यक्रम के बदलाव पर रोक सहित विभिन्न गतिविधियों के नाम पर फीस वसूली बंद कराने की मांग उठाई है।