
कारोबारी का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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पटना में 27 अक्तूबर को आगरा के प्रमुख चांदी कारोबारी अवधेश अग्रवाल की गोली मारकर हत्या मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के रहने वाले शूटर नीरज गाठैतम और भूषण पंडित ने की थी। बृहस्पतिवार को पटना पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने शूटरों को लेकर जाने वाले कार चालक जितेंद्र को गिरफ्तार किया है। वह चांदी कारोबारी निखिल अग्रवाल की कार चला रहा था। मंगलवार को पुलिस ने चालक के साथ कारोबारी को भी पकड़ा था।
मगर, उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। उन्हें रोजाना थाना पीरबहोर में रोजाना हाजिरी लगानी होगी। वहीं पटना पुलिस ने शूटरों की तलाश में मथुरा में डेरा डाल लिया है। हत्याकांड किसने कराया? इसके पीछे क्या वजह थी? सुपारी कितने में दी गई? इन सवालों से पर्दा शूटरों की गिरफ्तारी के बाद उठेगा।
आगरा कारोबारी की पटना में हुई थी हत्या
चांदी कारोबारी अवधेश अग्रवाल परिणय कुंज, हरीपर्वत के रहने वाले थे। पटना में उनका चांदी का कारोबार है। वह दिवाली से पहले वहां गए थे। धनतेरस से दो दिन पहले फ्लैट पर जाते समय उनकी शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शूटरों के पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले थे। इस आधार पर उनकी पहचान हुई। मंगलवार को पुलिस ने मथुरा के गोविंद नगर में दबिश दी थी। चांदी कारोबारी निखिल अग्रवाल और उनके चालक जितेंद्र को पकड़ा था। दोनों को पुलिस अपने साथ ले गई थी। उनसे रातभर पूछताछ की गई।
पटना में एसपी सिटी सेंट्रल स्वीटी सहरावत ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि कारोबारी हत्याकांड में मथुरा के जैत क्षेत्र निवासी जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। वह चांदी कारोबारी नि खिल अग्रवाल की कार चलाता है। वह मथुरा के ही हाईवे थाना क्षेत्र के रहने वाले नीरज गातम और भूषण पंडित को 25 अक्तूबर को कार में पटना लेकर गया था। इसके लिए उसने 25 हजार रुपये लिए थे। उन्होंने होटल में कमरा नहीं लिया। डर था कि पहचान हो जाएगी। कारोबारी की हत्या के लिए मालेके की तलाश में थे। इसलिए कार लेकर घूमते रहते थे। दिन में कारोबारी की रेकी करते थे। रात में रेलवे स्टेशन के पास कार खड़ी करते थे। वहीं पर सो जाते थे।
इन सवालों की तलाश में जुटी पटना पुलिस
एसपी सिटी स्वीटी सहरावत ने बताया कि मथुरा के थानों में शूटर नीरज पर 12 और भूषण पंडित पर 8 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गुंडा एक्ट में मुकदमे शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से पर्दा उठेगा। हत्या किसने और क्यों कराई? शूटरों को कितने रुपये दिए थे? इन सब सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। चालक जितेंद्र के मालिक कारोबारी निखिल को छोड़ दिया गया है। उन्हें पीरबहोर थाने में रोजाना हाजिरी लगानी होगी।
पटना पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि निखिल अग्रवाल पटना के बाकरगंज इलाके में चांदी का कारोबार करते हैं। उन्होंने दो साल पहले एक कार खरीदी थी। मगर, उनके पास अपनी स्थानीय आईडी नहीं थी। इसलिए कार को पटना के हथिया के दीपक के नाम पर खरीदा था। इसी कार से शूटरों को जितेंद्र लेकर आया था। दीपक पहले कपड़े का कारोबार करते थे। 3 साल पहले चांदी के कारोबार से जुड़ गए। इस दाौरान निखिल अग्रवाल से मुलाकात हो गई। दोनों में मित्रता हो गई। वह निखिल की कार चलाने लगा। निखित के पिता हरिबाबू अग्रवाल पटना में सीबी चेन्स के डीलर है।
घटना के बाद सराफ बाजार में चर्चा
शहर के कारोबारी की पटना में हत्या के बाद से सराफ बाजार में चर्चा हैं। हत्या किसने और क्यों कराई? यह सवाल अब भी बना हुआ है। चालक जितेंद्र 25 हजार रुपये के लिए शूटरों को लेकर गया था, यह खुलासे में सामने आया है। मगर, शूटरों को सुपारी देने वाले काठैन लोग हैं? इस पर पटना पुलिस अनुसंधान कर रही है। शूटरों की गिरफ्तारी के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
