फोटो 27:::पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। संवाद
आयुर्विज्ञान विवि की तीन जांच टीमों की रिपोर्ट पर कार्य परिषद की बैठक में हुआ मंथन
कोर्ट में आवेदन के बाद किया जाएगा आदेश का इंतजार, जांच में चार माह पांच दिन की गर्भवती होने की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। आयुर्विज्ञान विवि के मानसिक रोग विभाग में बेसहारा महिला से हुए दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उसका गर्भपात कराने पर विचार किया जा रहा है। आयुर्विज्ञान विवि की जांच टीमों की रिपोर्ट में इस बात की सलाह दी गई है। अब कोर्ट में इसके लिए आवेदन दिया जाएगा। कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
शनिवार को आयुर्विज्ञान विवि में कार्य परिषद की बैठक की गई। इसमें 18 मार्च को संज्ञान में आए दुष्कर्म के मामले के लिए गठित की गई तीन जांच कमेटियों की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। मेडिकल जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार, महिला 18 मार्च तक चार माह (16 सप्ताह) पांच दिन की गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। वहीं उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई गई है।
जांच रिपोर्ट में महिला के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का हवाला देकर उसका गर्भपात कराने की भी सलाह दी गई है। इसे लेकर कार्य परिषद की बैठक में भी चर्चा हुई है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि इसका आवेदन कोर्ट में दिया जाए। कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में अभी तक की गई कार्रवाइयों के बारे में जानकारी ली गई। बैठक में लीगल सदस्य को शामिल करने की सलाह दी गई। इस पर विवि प्रबंधन ने बताया कि हाईकोर्ट के लीगल एडवाइजर उनके साथ पहले से ही इस कमेटी हैं। आगे जांच को जारी रखने के लिए सीएमएस प्रो. डॉ. एसपी सिंह को जांच अधिकारी और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी राजकुमार सचवानी को नियुक्त किया गया है। कमेटी ने आगे की पूरी विभागीय जांच व कार्रवाई की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
फोटो दिखाते ही आरोपी सफाई कर्मी को पहचानी पीड़िता…इशारे से बताया तीन बार किया दुष्कर्म
सैफई पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को कानपुर से बुलाई गईं 40 साल की अनुभवी अनुवादक के सहारे पीड़िता 164 के बयान कोर्ट कराए गए हैं। सुबह से शाम तक बयान दर्ज करने का सिलसिला चला। पीड़िता ने आरोपी का फोटो देखते हुए उसे पहचान लिया। इशारे से तीन अंगुलियां उठाकर रोते हुए बताया कि उसके साथ सफाई कर्मी ने तीन बार गंदा काम किया।
38 प्रतिशत निकाला आईक्यू लेवल
आयुर्विज्ञान विवि की दुष्कर्म पीड़िता के आईक्यू लेवल की भी जांच कराई गई है। इसमें उसका आईक्यू लेवल 38 प्रतिशत पाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य व्यक्ति का आईक्यू लेवल 75 प्रतिशत होता है। ऐसे में पीड़िता का आईक्यू लेवल सामान्य से लगभग आधा निकला है।
यह है मामला
आयुर्विज्ञान विवि के मानसिक विभाग में भर्ती एक बेसहारा महिला के साथ दुष्कर्म की सूचना 18 मार्च को विभागाध्यक्ष एके मिश्रा ने उच्चाधिकारियों ने दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 को विभागाध्यक्ष की तहरीर पर थाना सैफई में उसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आनन-फानन में विवि प्रबंधन ने विभागाध्यक्ष समेत पूरे विभाग के लोगों को विभाग से हटा दिया गया था। 19 को पुलिस ने आरोपी रविंद्र वाल्मीकि को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के लिए उसका डीएनए सैंपल आगरा के फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। आयुर्विज्ञान विवि ने इस मामले की जांच के लिए नौ सदस्यीय जांच टीम, आंतरिक टीम और एक स्वास्थ्य जांच टीम गठित की थी।
जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई थीं। सभी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। कार्य परिषद की बैठक में इन पर चर्चा हुई थी। महिला के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसके गर्भपात (अबॉर्शन) को लेकर भी विचार किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की जाएगी।-दीपक वर्मा, कुलसचिव
