
यूपी उपचुनाव।
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यूपी के अयोध्या में मिल्कीपुर विधानसभा के उपचुनाव को लेकर अब भी असमंजस बरकरार है। सोमवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में अब चुनाव लंबे समय तक टलने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, उपचुनाव कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।
पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने बताया कि न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की बेंच में 56 नंबर पर केस की सुनवाई होनी थी, लेकिन नंबर न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। केस वापसी के लिए उनके अधिवक्ता ने निर्धारित शुल्क जमा किया है।
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मिल्कीपुर के उपचुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई
ऐसे में चुनाव पर कोई निर्णय न होने से अब कार्यकर्ताओं में भी निराशा देखी जा रही है। गौरतलब है कि मिल्कीपुर के पूर्व भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा व एक अन्य की ओर से दाखिल निर्वाचन याचिका के विचाराधीन होने के कारण चुनाव आयोग ने मिल्कीपुर के उपचुनाव की तारीख घोषित नहीं की थी।
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इसके बाद गोरखनाथ बाबा व मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के डफलपुर गांव निवासी शिवमूर्ति ने याचिका वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस पर 17 अक्तूबर को सुनवाई हुई थी, लेकिन केस वापसी के लिए याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित नियमों का पालन न करने के कारण कोर्ट ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था।
सपा-भाजपा में रस्साकसी की स्थिति
इसके बाद सोमवार को केस की सुनवाई होनी थी। सुनवाई न होने से मिल्कीपुर में जल्द उपचुनाव होने की संभावनाएं क्षीण होती दिखाई दे रही है। दरअसल, अयोध्या से लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की। इसके बाद सपा काफी ऊर्जा में है। अब अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा में उपचुनाव होना है। इसे जीतने को लेकर सपा-भाजपा में रस्साकसी की स्थिति बनी हुई है। हलाांकि मामला कोर्ट में है। लेकिन, यहां चुनाव की स्थिति को लेकर पार्टियां ही नहीं जनता भी उत्साहित है।
