उरई। दो सगे भाइयों की हत्या में पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान को गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजीवन कारावास सुना दिया है। लेकिन, इससे पहले फरार पूर्व विधायक को पकड़ने के पुलिस के दावे धरे के धरे रह गए। कोर्ट के बाहर 14 थानों की पुलिस, आला अधिकारी, दो ड्रोनों की निगरानी को चकमा देकर छोटे सिंह वकील की वेषभूषा और सिर पर टोपी व काला चश्मा लगाकर मूंछों पर ताव देकर कोर्ट में पहुंच गया।
इससे पहले आठ सितंबर से फरार चल रहे पूर्व विधायक ने बुधवार को सोशल मीडिया पर समर्थकों से न्यायालय के बाहर आने की अपील भी की थी। पुलिस पूर्व विधायक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करना चाहती थी। इसके लिए दो दिन से तगड़ा बंदोबस्त करने की तैयारी की गई थी। गुरुवार सुबह से ही शहर में आंबेडकर चौराहे से लेकर ईकलासपुरा बाईपास तक बैरिकेडिंग कर दी गई थी। सुबह आठ बजे तीन सीओ व 14 थानों व पीएचसी सहित एलआईयू की टीम को न्यायालय के बाहर तैनात कर दिया गया था। आने-जाने वालों की दो ड्रोनों से निगरानी हो रही थी।
पूर्व विधायक ने समर्थकों को 9 बजे न्यायालय पहुंचने का समय दिया था। इसलिए पुलिस भी सोच रही थी कि उसे बाहर ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए। 10 : 35 मिनट पर दोषी पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान वकील की वेशभूषा में सिर में टोपी व आंखों में काला चश्मा व मूंछों में ताव देता हुआ गर्दन झुकाकर न्यायालय के अंदर दाखिल हो गया। इसके बाद वह सीधा एमपी एमएलए कोर्ट में पहुंचा और कपड़े उतारकर कटघरे में खड़ा हो गया।
न्यायालय के बाहर मौजूद पुलिस के आलाधिकारियों को जब इसकी जानकारी हुई तो एएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने एमपी-एमएलए कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। मीडिया को भी जाने से मना कर दिया गया। पूर्व विधायक के चकमा देने से पुलिस की खूब किरकिरी हुई।
10 मिनट तक कोर्ट के बाहर दुकान पर खड़ा रहा पूर्व विधायक, भीड़ के साथ घुसा
आत्मसमर्पण करने से पहले पूर्व विधायक छोटो सिंह वकील की वेशभूषा में एक दुकान पर पहुंचा और वह करीब 10 मिनट तक खड़ा रहा। उसके साथ कुछ साथी भी थे, जो पुलिस पर नजर बनाए रखे थे। वह इस फिराक में थे कि जैसे ही न्यायालय में भीड़ उमड़े तो छोटे सिंह आसानी से अंदर दाखिल हो जाएं। भीड़ होते ही वह आसानी से अंदर भी हो गया।

फोटो – 04 आत्मसमर्पण से पहले पुलिस से जानकारी लेते एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार। संवाद– फोटो : संवाद

फोटो – 04 आत्मसमर्पण से पहले पुलिस से जानकारी लेते एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार। संवाद– फोटो : संवाद
