police patted their back by taking incomplete action In case of kidnapping and murder of youth in Agra

Crime Demo
– फोटो : संवाद

विस्तार


उत्तर प्रदेश के आगरा में सुशील को खाकी से दोस्ती की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। उसकी अपहरण कर हत्या कर दी गई। वारदात के 10 दिन बाद भी पुलिस सुशील का शव बरामद नहीं कर सकी। आधी-अधूरी कार्रवाई कर पुलिस ने खुद अपनी पीठ थपथपा ली।

आगरा-जयपुर रोड स्थित बरारा गांव के नगला हट्टी निवासी गुलाब सिंह के पुत्र सुशील का उसके दोस्त राहुल जोशी ने 2 जून को अपहरण कर लिया। घर में बंद कर बेरहमी से पिटाई की। सुशील की मौत हो गई। राहुल जोशी मलपुरा क्षेत्र का बड़ा गांजा तस्कर था। सुशील भी उनके गैंग में था। लेकिन, वह पुलिस के लिए मुखबिरी करता था। 

इसकी जानकारी पर राहुल ने सुशील को रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने गैंग के सात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया। जिसमें 4 लोग ही गिरफ्तार हुए। बाकी फरार हैं। मृतक की मां भूरी देवी ने बताया कि बेटे का शव नहीं मिला है। पुलिस का दावा है कि वह वारदात का खुलासा कर चुकी है।

गांजा तस्करों पर मूंद रखी हैं आंखें

मलपुरा, शाहगंज, जगदीशपुरा, अछनेरा, सिकंदरा और ट्रांस यमुना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी होती है। हत्याकांड के बाद भी पुलिस की आंखें नहीं खुलीं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *