
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यूपी पुलिस के सिपाही ने युवक के नाम से फर्जीवाड़ा करके कार फाइनेंस करा ली। युवक के पास जब रिकवरी एजेंट पहुंचे तब उसे फर्जीवाड़े का पता चला। युवक ने आरोपी सिपाही के खिलाफ कोतवाली में अनानत में खयानत के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने सिपाही के पास से कार बरामद कर ली है।
मूल रूप से राजगढ़ निवासी समर यादव वर्ष 2011 बैच का सिपाही है। कुछ दिनों तक ललितपुर में तैनाती के बाद उसका तबादला दो साल पहले फरूर्खाबाद हो गया था लेकिन, उसने वहां ज्वाइन नहीं किया। इस वजह से इन दिनों समर निलंबित चल रहा है। समर ने कुछ माह पहले अपने दोस्त अलीगोल निवासी आमिर से किसी काम के बहाने आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज ले लिए थे। आमिर ने विश्वास करके समर को अपने सभी दस्तावेज दे दिए। आमिर ने पुलिस को बताया कि पिछले सप्ताह उसके घर में कार की किस्त वसूलने के लिए रिकवरी एजेंट आए। जब उसने पता किया तब मालूम चला कि गलत तरीके से कागज लगाकर समर ने आठ लाख रुपये में कार फाइनेंस कराई। फाइनेंस की किस्त आमिर के नाम से बन रही थी। जब आमिर ने समर से पूछा तब उसने इन्कार कर दिया। आमिर पूरा मामला लेकर कोतवाली पहुंचा। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज करके मामले की छानबीन कराई जा रही है।
