
प्रो. सौरभ, प्रो. मनोज, प्रो. विजयनाथ, प्रो. समीर, प्रो. संगीता, डॉ. सुनील।
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कोरोना संक्रमण का खतरा भले ही खत्म हो गया है, लेकिन बीमारियों का प्रकोप कम नहीं हुआ है। कोविड संक्रमण का जहां बच्चों की सेहत पर असर पड़ा है, वहीं गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग भी प्रभावित हुए हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी इसका असर पड़ा है।
अमर उजाला संवाद में आईएमएस बीएचयू सहित अन्य संस्थानों से जुड़े डॉक्टरों ने अपने अनुभवों को साझा किया। बताया कि जहां डेंगू, नींद न आने, दिमाग की टीबी वाले मरीज बढ़े हैं, वहीं बहुत से लोगों ने ट्रांसप्लांट करवाना भी टलवा दिया है। आंख संबंधी समस्या भी बढ़ी है। कोरोना काल के बाद जो भी बीमारियां हो रही हैं, उन पर अध्ययन भी चल रहे हैं। जिसके पूरा होने के बाद सही परिणाम पता चल पाएंगे।
चिकित्सकों ने कोरोना काल के बाद के अपने अनुभवों को साझा किया। डॉक्टरों के अनुसार कोरोना संक्रमण के बाद बीमारियों में इजाफा हुआ है, वहीं लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता भी आई है। खुद को फिट रखने के लिए ध्यान, योग, प्राणायाम भी लोग कर रहे हैं। अस्पतालों में बेड, जांच सहित अन्य संसाधनों की मानीटरिंग करने की जरूरत है।
