
मृतक फरीद
– फोटो : फाइल फोटो
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अलीगढ़ के मामू भांजा में घास की मंडी के फरीद उर्फ औरंगजेब की मौत के बाद परिवार और इलाके के लोगों में जबरदस्त गुस्सा दिखा। छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद ही पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान घर से जनाजा उठते समय महिलाओं ने प्रदर्शन कर अफसरों की गाड़ियां घेरीं। मगर लोगों ने समझाकर उन्हें पीछे हटा दिया। इस दौरान पूरे इलाके में बाजार भी बंद रहा।
रात भर नेताओं की मदद से पुलिस-प्रशासन लोगों को समझाता रहा। औरगंजेब जिस इलाके का रहने वाला था, वह पूरी तरह मुस्लिम आबादी का इलाका है। मगर पास के हिस्से में मिश्रित आबादी के चलते यह इलाका शहर के अतिसंवेदनशील हिस्सों में शुमार है। समर्थन में सपा व बसपा नेता पहुंच गए। पोस्टमार्टम कर शव घर लाया गया। जहां औपचारिकताओं के बाद जनाजा शाहजमाल कब्रिस्तान ले जाया गया। इस दौरान भारी भीड़ रही और पूरे रास्ते पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रहे। मगर घर से जनाजा उठते समय बहनें व कुछ महिलाएं गुस्से में आ गईं, जिन्होंने प्रदर्शन कर गाड़ियां रोकीं। मगर उन्हें समझा लिया गया।
बेरहमी से पीटा, शरीर पर 22 चोट-तीन पसली टूटने से मौत
औरंगजेब के शव का पोस्टमार्टम जो कहानी बयां करता है। उससे साफ है कि उसे कितनी बेरहमी से पीटा गया होगा। दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पाया गया कि उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 22 चोट थीं। सभी चोटें लाठी-डंडों के प्रहार की थीं। जिनमें सबसे गंभीर चोट सीने के हिस्से में थीं, जिसकी वजह से सीने के बाएं ओर की तीन पसलियां टूटीं और फेंफड़ा फट गया। वहां हुए अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हुई। इसके अलावा सिर के पिछले हिस्से में भी चोट व फ्रैक्चर भी आया है। वहां खून का थक्का भी जमा पाया गया। इसके अलावा दोनों हाथों, दोनों पैर, कमर, जांघ, सीने आदि सहित कुल 22 चोट पाई गई हैं।
