आगरा के खंदौली क्षेत्र में कोहरे के बाद शुक्रवार को हुई बारिश ने आलू किसानों की चिंता काफी बढ़ा दी है। लगातार नमी और बदलते मौसम के चलते आलू की फसल पर झुलसा रोग का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है। वे फसल को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि इस समय खेतों में आलू की फसल लगभग 85 दिन की हो चुकी है। फसल संवेदनशील अवस्था में है। ऐसे में यदि बारिश के बाद तेज धूप निकलती है, तो झुलसा रोग तेजी से फैल सकता है। कुछ ही दिनों में पूरी फसल बर्बाद होने की आशंका बनी हुई है। नगला अर्जुन निवासी आलू किसान दुर्लभ सिंह, बांस जोखी निवासी ठाकुरदास, वमान निवासी सुधीर कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि मौसम में अधिक नमी होने से खेतों में रोग पनपने की संभावना बढ़ गई है।
किसानों के अनुसार, झुलसा रोग लगने पर पौधों की जड़ से लेकर पत्तियों तक झुलस जाती हैं। पूरा पौधा धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है। किसानों ने बताया कि इस रोग के साथ-साथ फसल में चुर्री रोग की समस्या भी बढ़ जाती है। इससे आलू के कंद प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ता है। उत्पादन में भारी गिरावट आ जाती है। यदि समय रहते रोग पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इस बार आलू उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने खेतों की निगरानी बढ़ा दी है। दवाओं के छिड़काव की तैयारी भी की जा रही है। लगातार बदलते मौसम के कारण स्थिति नियंत्रण में रखना मुश्किल होता जा रहा है।
