मैनपुरी बाजार में अचानक से आलू की आवक बढ़ गई है। इसके चलते आलू के दामों में गिरावट आई है। फुटकर में जहां आलू 10 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। वहीं, थोक में 50 किलो का पैकेट 270 से 370 रुपये की दर है। माना जा रहा है कि गेहूं की बुवाई के लिए किसानों ने पहले ही आलू खोद दिया है, जिसकी वजह से उत्पादन बढ़ गया है, लेकिन बाजार में डिमांड कम है।

सर्दी में किसानों को आलू की फसल में रोग लगने का डर सता रहा है। इसकी वजह से और गेहूं की बुवाई करने के लिए किसानों ने समय से पहले ही आलू की खोदाई कर दी है। ऐसे में बाजार में आलू का उत्पादन तेजी से बढ़ गया है, लेकिन वहीं दूसरी तरफ आलू की मांग कम होने के चलते किसानों को फसल के वाजिब दाम नहीं मिल पा रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में आलू के दामों में गिरावट देखी गई है।

पिछले साल की अपेक्षा जनपद में आलू की पैदावार में भी करीब 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष जहां 22000 हेक्टेयर में आलू की फसल हुई थी। वहीं, इस बार करीब 500 से 1000 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। किसान अधिकतर बाजार में भाव के अनुसार आलू की खोदाई कर उसे बाजार में विक्रय करते हैं, लेकिन इस बार किसानों ने भाव देखे बिना ही समय से पहले ही आलू की खोदाई शुरू कर दी। इससे बाजार में अत्यधिक मात्रा में आलू पहुंच गया और आवक बढ़ने की वजह से दामों में गिरावट दर्ज हुई।

गांव गंग्गरवाला के किसान अजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले साल बाजार में आलू का भाव एक हजार रुपये प्रति क्विंटल था। अब बाजार में 50 किलो का पैकेट 270 से 370 रुपये की दर से मिल रहा है। आलू के सही दाम न मिलने से किसान परेशान हैं। वहीं बेवर से आए किसान चौधरी इंद्रपाल सिंह ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा बाजार में आलू अधिक संख्या में पहुंच गया है। पुराना आलू भी बाजार में है। ऐसे में किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। 

 



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