Pran Pratishtha: 319 VIPs including Venkatesh Prasad, Vivek Oberoi will go to Ayodhya by road from Lucknow

विवेक ओबेरॉय
– फोटो : सोशल मीडिया

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प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए लखनऊ से 319 वीआईपी सड़क मार्ग से अयोध्या पहुंचेंगे। ये फ्लाइट, ट्रेन और सड़क मार्ग से पहले लखनऊ आएंगे, फिर यहां से अयोध्या के लिए निकलेंगे। शासन ने जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य संपत्ति अधिकारी, परिवहन और पर्यटन विभाग को आपस में तालमेल बनाकर इन्हें सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कुछ वीआईपी शनिवार को ही लखनऊ पहुंच गए, जबकि कई रविवार और सोमवार को आएंगे।

571 वीआईपी विभिन्न माध्यमों से सीधे अयोध्या पहुंचेंगे। वहीं, 847 वीआईपी कब और कैसे अयोध्या पहुंचेंगे, इसका ब्योरा अभी शासन को नहीं मिला है। शासन ने लखनऊ और अयोध्या प्रशासन को 890 वीआईपी के विस्तृत भ्रमण कार्यक्रम का ब्योरा भेजा है। इनमें खेल, विज्ञान, न्यायिक, रक्षा व फिल्म जगत समेत अन्य क्षेत्रों के लोग हैं। अति विशिष्ट अतिथियों के लिए पीएसओ तैनात किया गया है। सड़क मार्ग से अयोध्या जाने वाले वीआईपी को रास्ते में कोई समस्या न आए, इसके लिए सुरक्षा और यातायात के बेहतर प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।

खेल व फिल्म जगत से आएंगे लोग

सड़क मार्ग से अयोध्या पहुंचने वालों में खेल और फिल्म जगत के लोग भी हैं। क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद, ओलंपियन दीपा मलिक, रेसलर अलका तोमर, रेसलर योगेश्वर दत्त, हैंडबॉल खिलाड़ी ज्योति शुक्ला, मेजर ध्यान चंद के पुत्र अशोक कुमार, अभिनेता के सुचेंद्र प्रसाद, विपुल अम्रुतलाल शाह, विवेक ओबेरॉय, सुनील बार्वे, अभिनेत्री स्वरूपा संपत, शेफाली शाह समेत अन्य लखनऊ से अयोध्या जाएंगे। फिल्म निदेशक सुभाष घई, नितीश भारद्वाज व चैतन्य चिंचलिकर, अभिनेता संजीव कपूर, मनोज जोशी व गायिका रंजना झा समेत अन्य सीधे अयोध्या जाएंगे। अभिनेता कपिल शर्मा, महावीर जैन, धनुष, कमल हसन, रिषभ शेट्टी, व हरिहरन समेत अन्य का भ्रमण कार्यक्रम अभी नहीं आया है।

तत्कालीन डीएम के पोते को मिला निमंत्रण

वर्ष 1949 में फैजाबाद (अब अयोध्या) के तत्कालीन डीएम केके नायर के पोते सुनील पिल्लई को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण भेजा गया है। नायर की तैनाती के दौरान रामलला की मूर्ति प्रकट हुई थी। तत्कालीन डीएम पर कई तरह के दबाव बनाए गए, ताकि रामलला की मूर्ति वहां से हटाई जा सके। हालांकि, केके नायर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से भी भिड़ गए और रामलला की मूर्ति पर कोई आंच नहीं आने दी। इस मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बाद में केके नायर ने नौकरी छोड़ दी, जिन्हें जनता ने चुनकर संसद में भेजा था।



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