
प्रवीण कर रहे ड्रैगन फ्रूट की खेती
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में एग्री स्टार्टअप अपनाकर कई युवा किसानी की नई इबारत लिख रहे हैं। शहर के प्रवीण ने शिक्षक की नौकरी छोड़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। इससे न सिर्फ खुद की आय का साधन विकसित किया बल्कि अब वह दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।
प्रवीण ने मुरादाबाद के एक कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर 12 साल तक काम किया। कुछ समय पहले उन्हें खेती करने का विचार आया। पारंपरिक खेती के बजाय उन्होंने ड्रैगन फ्रूट को तरजीह दी। प्रयोग के तौर पर पहले 50 पौधे लगाए। प्रयोग सफल रहा तो भुता के बहगुलपुर में तीन एकड़ में पोल लगाकर इसकी खेती शुरू की। अब अटामांडा में उनका 10 एकड़ का एक और प्लॉट है।
प्रवीण ने बताया कि पढ़ाई-लिखाई का मतलब सिर्फ नौकरी ही नहीं है। आप अपने ज्ञान का उपयोग कर खेती में भी कुछ बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वह प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे हैं। इससे जहां लागत कम हुई है, वहीं तैयार फसल की मांग भी ज्यादा है। स्थानीय स्तर पर ही उनकी पूरी फसल बिक जाती है। मुनाफा अधिक होता है।
