
ठाकुरजी
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आस्था और भक्ति का प्रतीक कटरा हाथीशाह, नाई की मंडी स्थित पुष्टिमार्गीय प्रेमनिधि मंदिर को ठाकुरजी नहीं उनके भक्त के नाम पर जाना जाता है। सेवक सुनीत गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में स्थापित 3 फीट के ठाकुरजी की मूर्ति वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि यह मूर्ति गोवर्धन के गोविंद कुंड में प्रकट हुई थी। उनके पूर्वज धीर गुसाई मूर्ति को आगरा लेकर आए थे।
पहले इसकी स्थापना रावतपाड़ा स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में की गई। मुगल काल में मूर्ति को लेकर वृंदावन चले गए थे। बाद में अपने निवास नाई की मंडी में स्थापित कर उनकी बालरूप में पूजा-अर्चना शुरू की। उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार उनके पूर्वज प्रेमनिधि को ठाकुरजी ने दर्शन दिए थे। इस कारण ही मंदिर का नाम प्रेमनिधि मंदिर पड़ गया। यह इकलौता मंदिर है, जिसका नाम भक्त के नाम पर है। उनकी 13वीं पीढ़ी मंदिर में सेवा कर रही है।
पुष्टिमार्गीय मंदिर होने के कारण मंदिर में कुछ भी बाहर का सामान ठाकुरजी को भोग में नहीं लगता। मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर पूर्वाह्न 11 बजे तक और फिर शाम 6 से 9:30 बजे तक खुलता है।
ऐसे पहुंचें मंदिर तक
एमजी रोड पर आगरा कॉलेज होते हुए धाकरान चौराहे से नाई की मंडी चौकी पहुंचें। वहां से कुछ कदम की दूरी पर मंदिर है।
