फोटो 4 : जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी में उपचार करते डॉ. पुष्पेंद्र यादव। संवाद

आयुर्विज्ञान विवि की तर्ज पर आधुनिक होगी ओपीडी, अप्रैल के प्रथम सप्ताह से इस व्यवस्था की तैयारी

संवाद न्यूज एजेंसी

इटावा। जिला अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर से ओपीडी और फिर दवा काउंटर व जांच स्थल तक पर्चा लेकर घूमने के झंझट से मरीजों को छुटकारा मिल जाएगा। आयुर्विज्ञान विवि सैफई के तर्ज पर इस अस्पताल की ओपीडी भी आधुनिक किए जाने की तैयारी है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में तीन ओपीडी इस व्यवस्था के तहत चालू कर दी जाएंगी। इसके बाद मरीजों को काफी सहूलियत होगी।

जिला अस्पताल में अभी तक मरीज ऑनलाइन या रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्चा बनवाते हैं। उस पर्चे को लेकर ओपीडी जाते हैं। डॉक्टर इलाज करते हुए उसी पर्चे पर दवा व जांचें लिख देते हैं। उसके बाद वह दवा काउंटर व जांच कक्ष में भी पर्चा लेकर जाते हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस व्यवस्था को बदलने की तैयारी में है।

तीन कंप्यूटर सिस्टम की व्यवस्था जिला अस्पताल में हो गई है। जिसमें एक मेडिसिन, एक सर्जन समेत तीन ओपीडी में इन्हें लगाने का काम किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उसी नंबर के माध्यम से पर्चा खुलेगा और कंप्यूटर के माध्यम से ही डॉक्टर दवा लिखेंगे। अभी कंप्यूटर की व्यवस्था केवल ओपीडी में की जा रही है। इस व्यवस्था के सरल होने के बाद इसे फार्मेसी व जांच कक्षों में भी लागू कर दिया जाएगा।

मरीजों को यह मिलेगा लाभ

-मरीजों के इलाज के रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे

-पर्चे में जो दवा लिखी गईं, वे मरीज भी समझ सकेंगे

-अनावश्यक लाइनों से मरीज बच सकेंगे

-ओपीडी में ज्यादा मरीज देखे जा सकेंगे

वर्जन

-कंप्यूटरीकृत व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया चल रही है। कंप्यूटर की व्यवस्था है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में इन्हें ओपीडी में लगाने की तैयारी है। शुरुआती व्यवस्था के लिए ओपीडी का चुनाव किया जा रहा है। इससे मरीज को काफी सहूलियत मिलेगी।-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस, जिला अस्पताल



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