
संगम स्नान करने जाते संत।
– फोटो : अमर उजाला।
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अखाड़ों के कामकाज को चलाने वाली सरकार का कार्यकाल महाकुंभ आरंभ होने के साथ खत्म हो गया। अखाड़ों की आंतरिक व्यवस्था चलाने वाली सभी कार्यकारिणी भी भंग हो गईं। उनकी जगह राष्ट्रपति शासन की तर्ज पर पंचायती व्यवस्था बनाई गई है। अब कुंभ तक अखाड़े का कामकाज इसी रीति से चलेगा। महाकुंभ के समापन से पहले अखाड़े फिर से अपनी नई सरकार चुनेंगे। उनका कार्यकाल अगले छह साल का होगा।
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