PRI had recovered 50 thousand rupees due to loss of cheque postal department officials remained blind

रिश्वत
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


आगरा के प्रतापपुरा डाकघर में भ्रष्टाचार होता रहा, शिकायतों पर अफसर आंख मूंदे रहे। पिछले महीने चेक गुम होने पर पोस्टल सहायक से 50 हजार रुपये वसूले गए थे। रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए वरिष्ठ पोस्टमास्टर (एसपीएम) देवेंद्र कुमार और जनसंपर्क निरीक्षक (पीआरआई) राजीव दुबे के कारनामों की फेहरिस्त लंबी है।

आरोप लगाया गया है कि दोनों डाकियों और डाक सहायकों का उत्पीड़न करते थे। डाक गुम होने या अन्य शिकायत पर उनसे वसूली करते थे। पीआरआई एक ट्रेडिंग कंपनी भी चलाता था। पीआरआई राजीव दुबे और एसपीएम देवेंद्र कुमार की जोड़ी डाकघर में चर्चित थी। दोनों मिलकर काम करते थे। डाकघर के सूत्रों ने बताया कि पीआरआई ने पिछले महीने एक पोस्टल सहायक से 50 हजार रुपये वसूले थे। सहायक से एक चेक गुम हो गया था। निलंबित करने का डर दिखाकर 50 हजार रुपये वसूलने के बाद मामला रफा-दफा हुआ।

उधर, सीबीआई ने पीआरआई और एसपीएम के घर भी छापा मारा। जहां आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। जिन्हें सीबीआई अपने साथ ले गई। शनिवार को सीबीआई ने दोनों को गाजियाबाद कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। सीबीआई को एसपीएम और पीआरआई के छापे में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।

विभागीय सूत्रों ने बताया कि पीआरआई एक ट्रेडिंग कंपनी में भी शामिल था। जो चेन बनाकर कमीशन पर काम करती है। इसके अलावा ब्याज का अलग धंधा था। एसपीएम देवेंद्र सिंह के विरुद्ध संजय प्लेस में तैनाती के दौरान भी कई शिकायत आई थीं। लेकिन डाकघर के अधिकारी शिकायतों पर आंख मूंदे रहे।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें