
प्रियंका गांधी अमेठी में।
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कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा के समर्थन में मंगलवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तिलोई, जगदीशपुर व गौरीगंज में सात सभाएं की। कहा कि उस जमाने में जब पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब पूरा देश देखता था अमेठी की ओर, कहते थे कि देखो, कितना विकास हुआ है वहां। बल्कि तब आलोचना यह होती थी कि राजीव गांधी सारे विकास की जितनी भी निधि है, अपने ही संसदीय क्षेत्र में डाल रहे हैं। ये आलोचना होती थी, लेकिन ये आलोचना नहीं हुई कि यहां विकास नहीं हो रहा है। तो ये सब आपकी परंपरा रही है।
कहा कि पिछले पांच-दस सालों से यहां एक नई राजनीति आई। उसमें सेवा का नाम नहीं था, श्रद्धा का नाम नहीं था। आपकी जो सांसद है, वो यहां सिर्फ एक मकसद से आई। क्या मकसद था उनका, कौन बताएगा – राहुल जी को हराना। उनका एक ही मकसद था कि यहां आकर राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी और राहुल गांधी को हराएंगी। यही मकसद था। इस मकसद के लिए उन्होंने तमाम झूठ फैलाए। हमने आपके लिए वो समूह की परियोजना शुरू की थी महिलाओं के लिए, बहुत महिलाएं उसमें थी।
उन्होंने कहा कि उसके जरिए आपसे जमीन लूट रहे हैं। पूरे देश में फैला दिया कि हमने जमीन लूटने के लिए ये परियोजना बनाई। तो अब जितनी भी महिलाओं को लाभ हो रहा था उन परियोजना के होने से, बंद हो गया। परियोजना ही बंद करनी पड़ी, तमाम केस डाल दिए उन पर। उनका मकसद हमेशा से नकारात्मक रहा है, कोई सकारात्मक मकसद नहीं रहा। मकसद पूरा हो गया, पिछले चुनाव में भईया हार गए, तो फिर विकास, काम इन सबका नामो निशान नहीं। सिर्फ जब टीवी वाले आते हैं, मीडिया वाले आते हैं, तब आती हैं सामने और फिर भी झूठ फैलाती हैं। उसके बाद कोई दिखाई नहीं देता। तो आपके लिए कोई योजना नहीं लाई हैं। तो यही होता है, जब गलत तरह की राजनीति आती है, जो सच्चाई पर आधारित नहीं होती है।
धर्म के नाम पर वोट लेने की कोशिश
कहा कि आज देश में जो राजनीति है, कमाल की राजनीति है। आज भाजपा का जो नेता है, चाहे वो प्रधानमंत्री हो, चाहे आपके यहां के सांसद हों, ये सब सोचते हैं कि जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है। क्योंकि इन्होंने धर्म के आधार पर आकर आपसे वोट ले लेना है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर गलत बयानबाजी का आरोप लगाया। कहा कि प्रधानमंत्री को कम से कम जनता को इतना बताना चाहिए कि दस सालों में किया क्या है। फिजूल की बातें कर रहे हैं। मंगलसूत्र को लेकर भी उन्होंने प्रधानमंत्री को घेरा।
कहा कि कांग्रेस के नेताओं में यह समझ थी कि जनता के प्रति कोई जवाबदेही है, कुछ काम करना है। आज के जो नेता हैं, कहीं आपने सरकार चुन ली, उनको पसंद नहीं आई किसी और पार्टी की चुन ली। घूस देकर, डरा धमका कर, तमाम गलत काम करवा कर विधायकों से पलटवा देते हैं ये सरकार। खुलेआम करते हैं यह काम, कोई शर्म नहीं है कि लोकतंत्र को आप कमजोर कर रहे हैं… सब जगह मीडिया भी बताती है कि इस विधायक को 100 करोड़ मिले, उस विधायक को 50 करोड़ मिले और दल बदल लिया और कोई कुछ कह नहीं रहा है।
इलेक्टोरल बॉन्ड का उठाया मुद्दा
उन्होंने कहा कि पहले नेता अगर भ्रष्टाचार करता भी तो छुप-छुपकर करता, इस सरकार ने ने तो स्कीम बना दी सरकारी… इलेक्टोरल बॉन्ड, कि जो-जो चंदा देगा, उसका नाम गुप्त होना चाहिए। तो जितने भी गलत काम हैं, जो नहीं होने चाहिए, वह तो हो रहे हैं। देश की सारी संपत्ति बड़े-बड़े खरबपतियों को दी जा रही है। लोग परेशान हो रहे हैं। सारी संपत्ति बड़े-बड़े खरबपतियों को दे दी। कोयला, बिजली, बंदरगाह, हवाईअड्डे, सब बड़े-बड़े खरबपतियों के। महंगाई बहुत ज्यादा कर दी… रेल का टिकट तीन गुना महंगा है। मतलब जो गरीब है, जो मिडिल क्लास का है, उसके लिए कोई नीति, कोई योजना नहीं है। देश का किसान, युवा व बेरोजगार हर कोई सरकार की नीति से परेशान है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल में अमेठी में स्थापित किए गए उद्योगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मतदाताओं को अब सजग होने की आवश्यकता है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, किशोरी लाल शर्मा सहित अन्य नेता मौजूद थे।
